सुबह दोपहर शाम बनारस की गंगा











13 comments:

Sandeep Singh Chauhan said...

देश की 438 सीटों पर चुनाव हो गए. कहीं से बिना वोटर कार्ड वालों को शहर बदर करने की खबर नहीं आई. फिर अमेठी में ऐसा क्यों हो रहा है.

Nirbhay Infra said...

Sir Ek Ganga Arti ka bhi photo dal dete

seema singh said...

Bhut sundar

vinay kumar said...

इतना सन्नाटा क्यूँ है भाई.

amrita said...

बनारस के चुनावी हलचल को शांति और सुकून से देखती गंगा........और शायद हम भी....आपके जरिये |

Jitendra sharma said...

Bahut hi khoobsurat nazara hai sir ji.

शोभना चौरे said...

Sundae drashya

शोभना चौरे said...

Sundar

ram bhargava said...

कोई कैसे अपने आप को प्रधानमंत्री पद का दावेदार कह सकता है जिसे “नीच राजनीति” और “नीची जाति की राजनीति” में फर्क नहीं मालूम। और अगर फर्क मालूम होते हुए भी वो ऐसी बातें अपनी रैलियों में कर रहा है तो फिर वो वास्तव में ही नी.. है। राजनीति में इतने भी लिप्त न हो जाइए की सब मूर्ख लगने लगें। और हाँ, किस नीची जाति के हैं, यह भी तो बता दीजिए। इतिहास,भूगोल के बाद अब अपने सामाजिक ज्ञान का भी परिचय दे ही दीजिए।

Rajat Jaggi said...

ati sundar

Abdulrahman Mohammad said...

👍

Jay Gupta said...

Dear Ravish,
Just watched Survapreya Sangwan's reporting on NDTV "Prabhatpheri in Banaras". You should be proud of your protege. I am a regular follower of your show as well as your blog. You are doing awesome job. Ghazipur's Ghahmar show brought few tears in my eyes. At least someone from media visited Ghazipur, the land of Rahi Massom Raja (Aadha Gaon), Paramvir Abdul Hamid and ironacllly it is the same place where Lord Carnivalis is resting in his tomb. People have still faith in media because of journalists like you and I can imagine how much pressure you sustain to remain RAVISH. God bless you.
Best,
-jay gupta
(former Ghazipuri now living in the USA)

abhishek nagwanshi said...

रविश जी इतनी आदत मत डालो तस्वीरें लेने की , अब आप ये भी करोगे तो हमारे मौहम्मद मुर्सलिन क्या करेंगे।