ब्रांड मोदी बनाम ब्रांडेड झाड़ू

नरेंद्र मोदी ब्रांड भी हैं । बनारस के साजन तिराहा पर युवाओं के जंक और फंक सामान बेचनेवाले ने बताया । कहा कि ऐसा कभी नहीं देखा था । युवा आते हैं और सामान देखते हैं और अपने आप ख़रीदने लगते हैं । बस जो बीजेपी कार्यालय से बंट रहा है वो नहीं रखते क्योंकि युवा जो है कुछ अलग चाहता है । मोदी कंगन बीस रुपये का है । मोदी हेयरबैंड और पिन तो ख़त्म ही हो गया । 

दुकानदार ज़रा स्मार्ट भी हैं । पता है कि प्रेस को क्या बोलना है और बोलने के बाद जो छपता है उसे वापस दुकान में टांगना है । इसलिए मोदी छाप टी शर्ट है तो अरविंद छाप भी है । डेढ़ सौ रुपये की टी शर्ट । 

 
दुकान के बाहर मोदी मैनिक्विन है । मुखौटा लगाकर मूर्ति को मोदी बना दिया गया है । मोदी जिस टोपी को पहनते हैं वो भी दो सौ रुपये में मिल रही है । 


लड़कियों के लिए मोदी के नाम पर स्कार्फ़ है । पचास रुपये की । बटन है । साढ़े चार सौ रुपये का केसरिया पर्स है । वुड्स कंपनी का । 



 पैराशूट है जो हवा में मोदी मोदी करता उड़ जाता है । एक अख़बार में ख़बर छपी है तो उसकी कतरन भी है ।


दुकानदार को रंज है कि केजरीवाल दस बीस रुपये की झाड़ू से आगे बढ़ ही नहीं पा रहे हैं । इसलिए डेढ़ सौ रुपये का झाड़ू लाँच कर दिया गया है । सफ़ेद रंग से रंगा हुआ है और कलाई से बाँधने के लिए बैंड भी है इस झाड़ू में । थोड़ा क्लास है । 

46 comments:

Nitin Shrivastava said...

दोस्तों बनारस से एक बड़ी मजेदार खबर आ रही है । AAP के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के वैतनिक volunteers का वेतन को ले कर विवाद हो गया ।
लौंडे सब मतदान से पहले भुगतान की बात कर रहे थे । पार्टी के लोग एक एक दिन करके टाल रहे थे । उधर अमेठी में भी यही समस्या आई थी । अन्दर की खबर ये है की वहां लौंडे कुमार विश्वास को पकड़ के बैठ गए और धमकी देने लगे की मतदान से पहले पैसा दो नहीं तो पोल खोल देंगे ।
बात बिगडती देख कुमार विश्वास ने अरविन्द को फोन किया की पैसा भेजो नहीं तो मेरी नैय्या डूब जाएगी और अगर मेरी डूबी तो मैं तुम्हारी दुबा दूंगा । अरविन्द ने किसी तरह वहाँ विद्रोह शांत कराया । पर आग बनारस तक फ़ैल गयी है ।
बनारस में volunteers के लिए न रहने सोने की व्यवस्था है न खाने पीने की । कुछ volunteers तो सचमुच कुछ दिन मांग के खाए । इस से अखबार में खूब चर्चा हुई । मुफ्त की publicity मिली । इस से उत्साहित हो कर मनीष सिसोदिया ने जो थोड़ी बहुत भोजन व्यवस्था थी वो भी बंद करवा दी । बोले जाओ घर घर मांग के खाओ । समाज में बड़ा अच्छा message जायेगा ( पैसा भी बचेगा ) । ये भिक्षाटन का अनुभव दिल्ली बंगलोर के लौंडे को दो चार दिन तो अच्छा लगेगा रोज़ रोज़ नहीं । ऊपर से बनारस की माताएं दो रोटी तो खिला देंगी beer तो अपने पैसे से पीनी पड़ेगी सो वेतन के लिए झगडा हुआ ।
लौंडों ने मनीष सिसोदिया का कालर पकड़ लिया । बवाल हुआ । किसी तरह बीच बचाव हुआ । छीछा लेदर हुई सो अलग । बात बनर्सियों में लीक हो गयी सो अब वो आते जाते मज़ा लेते हैं ।
फिलहाल वेतन न मिलने तक परचार ठप है । बहुत से आपीए टोपी उतार कर भाजपा कार्य कर्ताओं में घुस कर भोजन करते भी देखे गए हैं । पतंजलि हरिद्वार बाबा रामदेव की तरफ से भी लंगर चल रहा है मोदी ब्रिगेड के लिए । वहाँ भी आपिये सब टोपी उतार के खाते हैं

Vicky Shah said...

Sab bikta hai bhai

ram bhargava said...

शीला दीक्षित जी होर्डिंग और बैनर से चुनाव लड़ते हुए अपनी जीत के लिए अश्वस्त थी। लेकिन गली गली जा कर के केजरीवाल ने उन्हे हरा दिया। शीला दीक्षित की हार से सीख लेते हुए, भाजपाई मोदी की बनारस सीट पर जीत के लिए भले ही कितने ही अश्वस्त हों लेकिन केजरीवाल की गली-गली वाली राजनीति से भयभीत जरूर हैं। जिस मोदी के नाम और प्रचार की सुनामी पर सवार हो कर किसी भाजपाई ने देश की किसी और सीट पर गली गली जा कर प्रचार नहीं किया उस मोदी को अपनी खुद की बनारस सीट के लिए गली गली जा कर प्रचार करना पड़ रहा है। काश केजरीवाल देश की हर सीट पर चुनाव लड़ पाते तो देश का लोकतन्त्र प्रतीकात्मक नहीं बल्कि वास्तविक रूप मे मजबूत हो पाता ।

ram bhargava said...

कल विश्वनाथ मंदिर से महादेव के दर्शन कर अपने एक मित्र से मिलने आईआईटी बीएचयू चला गया। पार्क मे देखा एक पाँच साल का बच्चा एक छोटीसी साइकल पर फर्राटा लगा रहा था। उसने हर हर महादेव लिखी एक टी शर्ट पहन रखी थी । उसकी छोटी सी जीन्स में हाथी के प्रिंट थे। भाजपाइयों और “आप” के लोगों से मिली प्रचार सामाग्री मे से मोदी के चेहरे वाला मुखौटा उसने अपने चेहरे पर पहन रखा था और “आप” की टोपी अपने सिर पर । दिव्य द्रश्य था। उसकी साइकल रोक कर उससे पूछ ही लिया, बताइये छोटे महादेव जी, मोदी जी हार रहे हैं की जीत रहे हैं । बोला हार रहे हैं । उसकी निश्छलता से ओतप्रोत मेरे मुंह से न जाने कहाँ से निकल पड़ा कितने वोट से, वो बोला, फाइव थाउसंड नाइन हंडरेड नाइंटी एट (5998) वोट से कहते हुए उसने फिर अपनी साइकल पर रफ्तार पकड़ ली थी । उसकी गण्डित का विस्लेषण करने की क्षमता मुझमे तो नहीं है। वैसे भी अभी तक जीवन मे महादेव ने जो भी दिया-लिया उसका कभी विस्लेषण नहीं किया । मेरी औकात मे ही नहीं है। जो लोग महादेव के भी दिये-लिए और कहे का विस्लेषण करते हों वो इस छोटे महादेव के कहे की गण्डित का विस्लेषण कर ले। मंदिर से आ रहा था हर जगह “फोटो लेना मना है” की छाप इतनी अंदर बैठ चुकी थी कि इस छोटे महादेव की भी फोटो नहीं ली । नहीं तो आपको भी इनके दर्शन करा देता।

pragati sinha said...

yesterday's episode was EPIC :)

Nitin Shrivastava said...

केजरीवाल ने दिल्ही वालों को लगाया 690 करोड़ का चुना बिजली कप्पनी का बकाया लगा कर भाग गया है कहाँ गया भगोड़ा केजरीवाल
केजरीवाल ने दिल्ही का वोट भी लिया और उनको चुना भी लगा दिया है और 31 के बाद दिल्ही वालों को बिजली भी नहीं मिलेगी

केजरी समर्थकों , डट कर काम करने वाले की इज्जत होती है । बात-बात में इस्तिफा देने वाले की नहीं । जनता नेता को टिककर काम करने के लिए वोट देती है, न कि इस्तिफा देने के लिए ।

Nitin Shrivastava said...

नीतिश ने बिहार में गठबंधन छोड्ने से पहले कांग्रेस से समझौता कर रखा था. अब ये सब मिलकर बनारस मे मोदी को पीछे घकेलना चाह्ते है.
सबको पता है कि केजरिवाल को हर एक वोट कान्ग्रेस के खूनी पंजे को मजबूत करेगा.
अब देखना है बनारस के कितने मतदाता "काशी के सम्मान के लिये वोट देते है और कितने देश को बेचने वालो का साथ देते है. "
वोट भले सब देंगे पर इन नेताओ को उत्तर तो युवा पीढी को ही देना है.

Sandeep Singh Chauhan said...
This comment has been removed by the author.
Jitesh Kumar said...

http://www.youtube.com/watch?v=MfSnCmG0w5I&list=PLP-nGFpz3fa_0O0nN4kMLbZ6V_equSZLN

tapasvi bhardwaj said...

Is yarah ki rumours falate hue sharm aati h ya ni???oh oh i m sorry sharm bech kar hi to ye kaam karye ho aap log....to pls zara ye bataye ki kitne mein bechi aapne apni sharm modi g ko???

Nitin Shrivastava said...

@ tapasvi bhardwaj
Jo bacchon ke joothi kasam kha sakta hai uske chele sharam kee baat...hahahah Joke of The day

Nitin Shrivastava said...

धोखेबाज केजरीवाल मोदी के खिलाफ है, भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं.....????
मोदी को सबसे बड़ा साम्प्रदायिक और भ्रष्ट बताकर उनकी जमानत जब्त कराने का सपना देखने वाले हरामखोर अरविन्द केजरीवाल ने भारत की सबसे भ्रष्ट और लुटेरी सरकार को छुपकर चलाने वाली सोनिया गाँधी के सामने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है, कजरिया ने पी. चिदंबरम के बेटे के सामने, सलमान खुर्सीद के सामने, अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने, 2 G वाले ए,राजा के सामने, आदर्श घोटाले वाले अशोक चौहान के सामने कोई उम्मीदद्वार नही उतारा.
तो क्या कजरीवाल की पार्टी वास्तव में सिर्फ मोदी विरोध और हिंदुत्व विरोध के लिए ही बनी है, क्या वे लोग मुर्ख और धूर्त नहीं हैं जो मोदी विरोध के लिए साम्प्रदायिकता का नाम ले रहे हैं जबकि सच्चाई यह है की पिछले 12 साल में गुजरात में एक भी दंगा और कर्फ्यू नहीं हुआ, केजरीवाल कांग्रेस की बी टीम है, इनके पिछवाड़े लात लगाइए और बिना मौका गवाए NDA हर मोदी समर्थक प्रत्याशी को जिताइए,
इस बार – मोदी सरकार

razaul rahman said...

Ye Nitin Shrivastava kissi CHEAP facebook page ka admin lagta h......bhai apni commentgiri wahi tak semeet rakho na....q Ravish Sir k blog ko ganda karte ho....pura mood kharab ho jata ho jata tumhara be sir pair ka comment paadh k

teacher4gujarat said...

BJP jashi ghatiya party ka karyakar he,shrivatav to soch lijiye desh ka bhavish kya hoga?

Nitin Shrivastava said...

Kejri jaise Ford agent se toh much better hain BJP wale...Bhagoda and His Paid Ganag of reporters are curse on Democracy.

Nitin Shrivastava said...

कांग्रेस की दलाली और बीजेपी का विरोध यही तो सिकुलर कुकुरमुत्ते पत्रकारों की एकमात्र योग्यता है उसी का परिचय तुम भी दे रहे हो....लेकिन तुम जैसों की सारी ताकत मिलकर भी मोदी जी को रोक नही पायेगी

pravasi said...

क्या बात है सबको श्री नितिन जी के भाषा से परेसानी रहती है। कोई जबाब क्यों नहीं देत उनके सवालों का।

इस ब्लॉग पर सिर्फ़ श्री नितिन जी है जो अपनी बात पूरी ऊर्जा और मुद्दो के साथ रखते है। कुछ नहीं तो खुद की सोच और विचारधारा के साथ स्पश्ट तो है
बाकी तो सब भेड़चाल कि तरह सिर्फ़ भीड़ के हिस्से कि तरह राग अलाप रहे है।
है हिम्मत तो कहो किसके साथ और क्यों खड़े हो क्या कारण है मुद्दे क्या है शासन प्राशासन नेता और राजनीती से क्या चहिये ?

कुछ नहीं तो खुद की कहो।

Rachit G said...

प्रवासी जी से सहमत हूँ . शायद मोदी विरोध केवल विरोध क लिए हो रहा है.

Jitendra sharma said...

Ek baat to clear hai is chunav mein business bada jabardast hua hai.

mishra babloo said...

Mai pahalee bar ek comment likh raha hoon, vo bhi apne dil ki baat sachchayi se batane ke liye.

Maine shri Atal bihari ko suna hai, M.G. inter college gorakhpur ke railly me. Maine Shudarshan ji ko bhi suna hai. Main bhi pramod mahajan ke feel good ka shikaar hokar 2004 me BJP ko 320 se kam par nahi aank paa raha tha. Mai modi ko bahut din se sunta aaya hoon. Unkee baten sunkar mai unhe kafi chatur, imaandar aur karmath netaa manata tha. Jab Modi ke prime ministerial candiate ki baat sunkar advani ji kop bhavan me chale gaye the, tab mujhe advani ji ke upar bahut gussa aya tha. Mujhe lag raha tha ki jab apna turn tha, tab India shining ke chakkar me gadbada gaye, aab ek kabil aadmi ka rasta rok rahen hain.

Mai Itna sab isliye soch raha tha kyoki mai BJP ka samarthak tha. Aur shayad mai BJP samarthak isliye tha kyoki mai agli jaati se aata hoon. Mere esi socha ka karan sayad Mere parivaar, ristedaar ya phir sarashwati sisu mandir ki shichcha thi.

Mujhe yah tab bhi pata tha ki pandit sukhram ko BJP join karane ke peche modi ji hi the. Mai gujraat ka bhukamp aur dange ke waqt ahmedabad me hi tha. Aur modi ji us samay hi hamare super leader ban chuke the.

Jab anna andolan huva to mujhe bhi laga ki bhrstachaar bahut huva. meri soch ne bhi karvat badal lee. Ab mai har khabar ko doshre angle se samajhta tha. Netayon ke kursi prem aur use pane ke liye kiye jaane vale hathkande mujhe samajh me aane lage.

Jab kejriwal andolan pe andolan kiye jaa rahe the, aur hasil kuch nahi ho raha tha, tab mujhe bhi yahi laga ki bharat desh ka kuch nahi ho sakta hai. Ramdev ke andolan me congress aur ramdev dono hi benkab ho gaye. congress ne dayar se bade kroorta ka parichaya diya, to ramdev darpok sabit ho gaye. meri najar me dono ki mitti paleet ho gayi.

Delhi election me aarop lagne par ek candidate ka ticket kat kar kejriwal ne apni deshsewa aur imaandari ka parichay diya to mai AAP ka murred ho gaya.

Mai shayad us samay BJP samarthak prantu AAP ka shubhchintak ban chuka tha. lekin primeminister pasand to bas modi hi the.

AAP ne 49 din ki sarkaar banayi us dur me sayad mujhe AAP ne jyada prabhavit kiya. AAP ke delhi minister din raat ek kiye huve the. Unki soch ekdam saaf thi. Unka maksad sirf janta ka bhala karna laga, baki partiyen ke tarah paise kamana nahi. Rahi baat 49 din me resign karne ki, Vo mujhe buri nahi lagi, kyoki 36 to the nahi, 28 lekar roj-roj nautanki kyo karne hai.

Congress ke mukhar birodh ne kejariwal ko karreb 15-20% sahari matdataavon ka hero bana diye. Kya agde-kya pichde sabhi ek party ke sapport me aaye.

Rahi baat modi ke khilaaf chunaav ladne ki, vo to bas vote me 10% aur jodne ka jugaad hai.

Aaj mujhe bharat ki rajneeti me byapt gandagi ko saaf karne ki takat sirf Kejriwal me dikhti hai. Baki sabhi ki nitiyon aur AAP ke nitiyon me saaf antar deekh padata hai. Is baar modi sarkar lekin AAP ke bhi 15-30 member to chahiye hee. Ummed karata hoon agle chunaav me Kejriwaal factor se India ko bahut fayada hoga.


Shillong said...

Ravish ji.. mera aapse anurodh hai ki jo bhi comment derogatory words use karte hain ya fir subject se koi lena dena nahi hai ya fir sirf hatred failane ke liye likhe gaye hain ya fir kisi ek party ka repeated propaganda kar rahe hain ..unhe delete kiya jaye..warna comments padne ka jo maja hai woh khatam ho jata hai .. dhanyawad

Shillong said...

@Nitin Shrivastava .. BJP ki kahani AAP ke gale kyun chipka rahe ho bhai... BJP ke daftar mein hi likha hai (kal ravish ji ne photo bhi dali thi) ki karyakartaon ka yahan sona mana hai..jo vetan milta hai usse apne rahne aur khane ki jugaad karein.. AAP walon ke paas to paise hain hi nahi sab jante hain aur jahan jagah milti hai wahan so jate hain .... Patanjali or baba ramdev BJP ke workers ko khana khila raha hai to pakka prachar mein invest bhi kar raha hoga..lekin 16 may ko pata lagega ki sara paisa bekar chala gaya ..aur BJP 200 bhi cross nahi kar payi ... wait for 16th may 2014.

Shillong said...

@ ram bhargava .. maine bhi ek sapna dekha tha ..normally subah jo dikh jata hai sach ho jata hai .. Delhi elections mein maine dekha ki AAP ko 24 seats mil rahi hain ..to result wale din yahi soch raha tha ki kam se kam 24 mil jaye ..par 28 mil gayi...

Abhi sapna dekha ki BJP ko 187 ke aaspas aur congress kareeb 20-30 seats peechhe ..lekin ye nahi pata laga ki AAP ki kitni seats aayengi .. Ab dekhna ye hai ki ye sapna kitna sach hota hai..waise mere hisaab se bhi BJP 220 se uper nahi jane wali ..waki Modi ji kitna bhi zor lagate rahe..

Nitin Shrivastava said...

@ Mishra babloo
I agree with you we need person like Kejriwal in Parliament with some strength to keep government on track.
That will be true democracy..UPA 2 like Govt and BJP like opposition was disaster for country..Kejri should have fight election from delhi also. I would like to see him in Parliament.
Rahul will be failed as leader of opposition.This will make Bjp govt uncontrolled and Arrogant.

mishra babloo said...

Raveesh Ji,

Mujhe vo do nare bahut damdaar lage, jo AAP aur BJP wale amne-samne khade hokar laga rahe the. Koyi maraa-maree nahi, koyi hinsa nahi. Bas loktantra ko majboot kar rahe the. Jo log miss kar diye yah unke liye:

(1) Jo kejriwal se darta hai, vo do jagahon se ladta hai.

(2) Jo lad na saka khansi se, vo kya ladega kashi se.


ha ha ha...

Kriti Bhargav said...

Bahut Mazedaar Pics hain , Enjoyed

Kriti Bhargav said...

Bahut Mazedaar Pics hain , Enjoyed

mishra babloo said...
This comment has been removed by the author.
shirin jaiswal said...
This comment has been removed by the author.
shirin jaiswal said...

kitna commericilisation ho gya h
har cheez kise na kise vyakti ke naam par bikti h..
Quality naam ki toh cheez nhi reh gyi h
sab brand par gusse ja rhe h

shirin jaiswal said...

aaj har cheez vyakti aadharit ho gyi
jaise abhi apne example diya
Har cheez sirf aur sirf brand ke naam par bik rhi h
Quality naam ki koi cheez nhi reh gyi h
bas har kisi ko brand chaiye not the
quality

shirin jaiswal said...

kitna commericilisation ho gya h
har cheez kise na kise vyakti ke naam par bikti h..
Quality naam ki toh cheez nhi reh gyi h
sab brand par gusse ja rhe h

SHIVANI SRIVASTAVA said...

"MAKE HAY WHILE THE SUN SHINES"
SIR JI aapke jawab ke intezaar mein...........
(remember: conditions are getting worse day by day)

Rishi ARYA said...

AAp jeete Ya na Jeete , kam se kam in kuch saalon me desh ki politics ka roop badal diya AAp ne aur saath hi saath logon ki soch bhi

ravik. gupta said...

Bhiya ji Gorakhpur me yogi ji ko hi dena

ravik. gupta said...

@ shirin fashion ke daur me guarantee Ki ichcha na kare.
har sikke ke do pshlu hote hai .

kripanath jha said...

Sandesh saaf hai, jo saman modi raj me dhaai sau se chaar sau rupaye me milegi wo kejriwaal raj me dus-bees rupaye me.

kamini singh said...

Ravish ji wakai aapki photography ki jitni taarif ki jaye utni km hai.
Apki tasviren kuchh alag rang liye hoti hain . Acchhi lagti hai.Or haan apka i phone bhi kamal ka hai.

kamini singh said...
This comment has been removed by the author.
aayushi verma said...

Ravish sir,
Thanx for qasba!
Kal Maine pahli bar vote kiya. Pata chala mera ghar to loktantr Ka mandir hai . Ek doosre ki khoob brainwashing karne ke baad Ka final result - maa- for lahar...., papa- for darohar....., bhai- again for dharohar.......aakhir pita ki virasat beton ko hi kyon?....chahe sampatti ho ya soch..... khair.... di- exited about nota.... and I voted for aap.....Sabne khoob kaha kyon vote waste kar diya.... koi future...... koi hope nahi. Maine bhi jhat se aapki wo line chipka di .....Jo man se kiya wahi matdan !... Sabne ajeeb sa expression diya aur chal diye .... shayad aaina dekh liya ho.....phir dhool chadha lenge....khair ..........
Thanx for educate us....
Aayushi verma

Himanshu Singhal said...
This comment has been removed by the author.
sheelu said...

I doubt whether India has become politically mature! but certainly its politicians are not yet..the two National Parties with their PM designates are busy with each other's character assasination and mud slinging. we the voters gather at their rallies to listen what they want us to listen...how passive we are! i wish a single voice comes from d crowd and loudly convey to them ...we only want to listen your plans, development agenda, manifesto...but unfortunately all these issues are out of discourse..plz vote with ur senses as ur vote is ur expression.

ramchandra tiwari said...

बिलकुल सही कहा आपने ।

Sanku said...

Sir, Aapka photo ndtv waalon ne upne website mein laga diya. Aapke blog ka copyright hai ki nahi :)

Sanku said...

Sir, Aapka photo ndtv waalon ne upne website mein laga diya. Aapke blog ka copyright hai ki nahi :)

suneel narang said...

ऊर्जा और मुद्दों के साथ नहीं बदतमीजी और छल कपट के साथ जो कि अंग्रेजों की नाजायज औलाद संघियों की फितरत है