तेंदुलकर ने बोला है भाई !

सचिन तेंदुलकर ने स्पाट फ़िक्सिंग पर बड़ी बात कह दी है । बहुत बड़ी बात । तभी मुझे लगा कि वे इतना टाइम क्यों ले रहे हैं । इस बड़ी बात को कहने के लिए उन्होंने क्लब से लेकर रणजी क्रिकेट प्लेयर का आह्वान किया है । आज के हिन्दुस्तान टाइम्स में राजदीप सरदेसाई का लेख पढ़ने के बाद(शायद) उनका यह बयान आया है । है तो तेंदुलकर का मगर अकेले तेंदुलकर नहीं हैं उस बयान में ा वैसे इस बयान में तेंदुलकर ने सभी क्रिकेटप्रेमियों की तरफ़ से बीसीसीआई में विश्वास जता दिया है । लो जी । सचिन अपने बयान के मुताबिक सिर्फ निराश और हताश हैं वैसे आईपीएल के फ़ाइनल में वे हताश बिल्कुल नहीं लग रहे थे । काफी गदगद थे । उसके बाद कोलकाता में उन्होंने टाइम्स ग्रुप की कोई पत्रिका भी लाँच की । उस आयोजन की छपी तस्वीरों में भी तेंदुलकर आहत नज़र नहीं आ रहे हैं । और माँगों इन बड़े खिलाड़ियों से बयान । मिल गया न । शोक संदेश वाला ।  एक शून्य, गहरा दुख और अपूरणीय क्षति टाइप । 

जब से राजीव शुक्ला को पेपरानुसार राहुल गांधी से कुछ पड़ी है तब से कांग्रेस के नेता श्रीनिवासन से इस्तीफ़ा मांग रहे हैं । राजीव शुक्ला की नक़ल में अनुराग ठाकुर भी बीसीसीआई की छवि को लेकर चिंतित हो गए हैं और आपात बैठक की मांग कर रहे हैं । अनुराग ठाकुर का भी विज़ुअल निकालो कोलकात फ़ाइनल का । कैसे राजीव शुक्ला के साथ बैठ कर कैसे खिलखिला रहे थे । क्या बढ़िया टीवी इवेंट बनेगा । वही लाल घेरा लगाकर तीर तीर वाला । 

नौटंकी है सब । आप भी कल काम छोड़ क्रिकेट देखेंगे । कोई आहत वाहत न है सर । अब एक से एक पकाऊ थकाऊ बयान झोलिये । 

4 comments:

kishore H Patel said...

खेलने के पैसे,
बोलने के पैसे ,
खेद व्यक्त करने के पैसे,
स्टिकर्स वाली शर्ट पहन्ने के पैसे,
फोन हाथ मे पकड़ने के पैसे,
पंखे के नीचे बैठने के पैसे,
ठंडे की बॉटल मूह पर रखने के पैसे !

पता नही कैसे !

Awadhesh k. Jha said...

aapne sahi kaha ravish bhai. maine bhi anurag ji ko ipl final me shukla ji ke sath khilkhilate dekha tha. Wah bhi tab jab chattisgarh me congress netaon ki maot par cogress ke senior neta delhi or chattisgarh me na sirf aarop praatyarop laga rahe the balki aansoo bahane ka dor bhi chal raha tha. Bahut ochapan hai sir rajniti me...

Mahendra Singh said...

Kishore ji ke baat sahi hai. Kisi pandit se pucha hoga bolne par koi aarthik nuksan na ho.Sachin ji ko sab white me mil jata hai. Doosre woh kota doosre tareke se poora karte hain. yeh bat alag hai ki woh pakad jate hain.

Ram Arya said...

सच कहा सर जी सब नौटंकी है!!!हमने तो देखना छोड़ दिया है :)