तस्वीरें अलग अलग शहरों की







4 comments:

SHIVANI SRIVASTAVA said...

SIR JI best was the prayer to the almighty and really thoughtful.

Jitendra sharma said...

Sir tyohaar ki badhai dene ke liye bhi log rajnitik party ke poster banner ka upyog Kyo karte hai.kya ve log ye samajhte hai ki bina in poster banner ke (rajniti wale) log Unki badhai swikar nahi karenge. Aur punjab ja kar punjabi bolne ki shubhkamnaye.dhanyawaad.

MEENAKSHI chauhan said...

ज़िंदगी के कितने रंग हैं, कितने रूप हैं...परत दर परत एक नई दुनियाँ खुलती जाती है....जहाँ भी देखो जीवन बिखरा पड़ा है, अपनी सारी सँभावनाओं के साथ । रवीश, आपने अपने ब्लॉग...प्राइम टाइम...तस्वीरों के माध्यम से दुनियाँ को अपने नज़रिये से देखा है और आपके नज़रिये से बहुत से लोग न केवल इत्तेफाक रखते हैं, बल्कि कुछ तो आपको पैगम्बर या देवदूत जैसा कुछ मानते हैं जो शायद इस देश को बदल कर रख देगा । लोगों का ऐसा विश्वास खुशनसीब लोगों को मिलता है। मेरा दस साल का बेटा आपका नन्हा सा 'फैन' है। क्यों वो आपको पसंद करता है पता नहीं, क्योंकि निश्चित रूप से आपकी सब बातें वो समझ नहीं पाता होगा। इत्तेफाक से पुस्तक मेले में आपसे वो मिल सका और एक किताब में आपका 'ऑटोग्राफ' ले सका ।शायद आपको याद नहीं होगा पर 'अक्षत' के लिये वो पल हमेशा खास रहेगा । आपके साथ उसका वो खास पल एक खूबसूरत तसवीर की तरह मेरे ज़हन में कैद हो गया। सोचा अक्षत की ये तसवीर जो किसी कैमरा में कैद नहीं है, आपको भी दिखाई जानी चाहिये। उम्मीद है आप देख पाए होंग़े।

whats on my mind today said...

Sir aap ka show me aaj kl jo desh ki sachi tashveer dekh ne ko mill rahi h hairaan kr deti h
Aap se 1 gujrash h kabhi aesa 1 show uttarakhand pr ki ji e
Yaha aaj bhi aese gaun h jo sadak se 22km dur padal rasta h or na bejli h na pakje makan or na koi or vikash k nishan or ab haal me i बाड़ k baad ka haal to kisi ko bhi nahi pata ho ga