प्यार पर सेल है

कोलकाता में एक घर के बाहर लिखा था । सोचा आपके लिए क्लिक कर लूँ । सब बिक ही रहा है तो प्यार क्यों न बिके । वो भी मुफ़्त । पता नहीं इस घर मेम कैसा आशिक रहता होगा । कैसी महबूबा रहती होगी । 


5 comments:

AMIT KUMAR CHAUDHARY said...

प्यार को खरीदा व बेचा नही जा सकता यह कहावत भी गळत साबित हो गई.......

suchak said...

sir aapki woh Bhanu coaching class ki advt vali pic aaj kal FB par khub dhoom macha rahi hai :D

Ramendra.... said...

Majedar baat to ye hai ki yhan koi "till stock end " ya "offer valid upto..,," wala scene nhi hai
...hai na ravish ji

Ramendra.... said...
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Gopal Girdhani said...

हा ! हा ! सही है !!
....पर एक बात की गारंटी है कि आशिक और माशुका हैं दोनों व्यावहारिक ।