अन्जान शहीद

आज़मगढ़ ज़िले के एक क़स्बे का नाम है अन्जान शहीद । 1857 की क्रांति के से बहुत पहले अंग्रेज़ों की सेना से लोगों लेते वक्त बड़ी संख्या में लोग शहीद हो गए थे । कहा जाता है कि कई लोगों ने इस तालाब में डुबकी लगा ली और कई लड़ते हुए मारे गए और इसमें फेंक दिये गए । इन शहीदों की पहचान आजतक अन्जान है । तालाब के पानी से न कोई हिन्दू का ख़ून अलग कर सकता है न मुसलमान का । जिन्हें इस देश की बुनियाद रखने में किसी क़ौम की भागीदारी पर शक है वे इस तालाब में गंजी उतारकर नहा लें । इतिहास और लोक विमर्श से ग़ायब कर दिया गया अन्जान शहीद ऐसे शंकाधारियों का इंतज़ार कर रहा है । इस चुनाव में हो रही बेहूदा स्तर की बातें ऐसे क़िस्सों का अपमान करती हैं । वोट के लिए शहादत का हिन्दू मुसलमान करने वालों अन्जान शहीद की पहचान बता दो बस । 


29 comments:

Himanshu Jain said...

याद रखने वाला किस्सा है ये. बहुत सही बात है!

Mahendra Singh said...

Ravishji, main is sthan par ja chukka hoon. Iske paas me koi purana bargad ka ped hai. Jisme logon ko badi sankhya me phasi dene ke bare me bhi log batate hain. Nahane kee tipadi bahut kuch kah jati hai.

Jitendra sharma said...

Neta to Ise sapne mein bhi yaad na rakhe.sirf vote bank ki rajniti karenge.

prashant rai said...

ravish sir I am watching your prime time i m very happy bcs u r in azamgarh .sir I m frm azamgarh at this time I am here sir for any help pls cll me on 9455113737.

prashant rai said...

ravish sir I am watching your prime time i m very happy bcs u r in azamgarh .sir I m frm azamgarh at this time I am here sir for any help pls cll me on 9455113737.

prashant rai said...

sir yahan ki mulbhut samsyayon ko apk dwara yahan ke pratyashiyon ya manniya netaji se jaroor puchiega about sugar mill about crimes about jatiwad about road about literacy about industry

suchak patel said...

सर आज ही फली नरीमन की बुक पढ़ना शरू किया है , पहले ही पेज पे 2 लाइन लिखी है जो आज़मगघ के संदर्भ में बिलकुल सेट होती है

अमेरिका में किसी ने पूछा था : "कोई देश का अस्तित्व कब तक टिकता है ?"

जवाब था : जब तक नेता लोग अपने देश के फॉउंडिंग फादर्स के विचार को फॉलो करे तब तक ही टिकता है

आज़मग्रह के आज के नेता शायद यही नहीं कर रहे और....यह हालत है

tapasvi bhardwaj said...

Nice

Kaptan Mali said...

सरजी पता नहीं कुछ कहना चाहता हूँ आपसे कुछ धन्यवाद् सा पर शब्द नहीं हैं। बस दिल की बधाइयाँ हैं। आपका चुनाव विशेष उत्तर प्रदेश पर एक मिसाल बन गया है। रोजाना देख रहाहूँ। मैं खुद अपने उत्तर प्रदेश के बारे में इतना नहीं जनता था। धन्यवाद् है आपका। मुझे up से अवगत कराने केलिए। इश्वर आपको और आपके चाहने वालों को सदा खुश रखें।

Kaptan Mali said...

सरजी पता नहीं कुछ कहना चाहता हूँ आपसे कुछ धन्यवाद् सा पर शब्द नहीं हैं। बस दिल की बधाइयाँ हैं। आपका चुनाव विशेष उत्तर प्रदेश पर एक मिसाल बन गया है। रोजाना देख रहाहूँ। मैं खुद अपने उत्तर प्रदेश के बारे में इतना नहीं जनता था। धन्यवाद् है आपका। मुझे up से अवगत कराने केलिए। इश्वर आपको और आपके चाहने वालों को सदा खुश रखें।

ravi bhardwaj said...

sir ji Voice of Azamgarh wala interview lajawab tha.

shahrock said...

Ravish ji.. Kabhi rajasthan bhi aaye. Aapke show me mitti ki khushboo aati h.

Rajat Jaggi said...

bahot khub ravish ji

Kriti Bhargav said...

Jo ho raha hai Aajkal use itihaas maaf nahi karega. Ajamgarh vala episode ankhe khole to bhi kaun hai Jo is virasat ko desh main failaye , dafan hone ja rahi hai desh ki shanti . Feeling depressed :-(

Aniket Choudhary said...

itni information azamgarh ke baare me hume dene ke liye tahnks ravish sir.

Abhishek Raj Singh said...
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Rajendra Rao said...

RAVISHJI BAHUT BAHUT BADHAI EK BEMISAL DRISHTANTA SAB KE SAAMNE PESH KARNE KE LIYE.UMMID KARTA HOON AAM LOG
KISI BHI DUSHPRACHAR SE BAHKENGE NAHI AUR PARASPAR BHAICHARA KAYAM RAKHENGE.PUNAH AZAMGARH SE PRASARIT NAYAB KARYAKRAM KE LIYE BADHAI AUR DHANYAWAD.

Narinder Singh said...

Acha hai yahaan ke shaeed shanti se to hain, varna Ayodhya ki tarah issey bhi rajneeti ka akhada bana diya jaata.

Narinder Singh said...

Acha hai yahaan ke shaeed shanti se to hain, varna Ayodhya ki tarah issey bhi rajneeti ka akhada bana diya jaata.

Manish Kumar said...

रवीश भाई, कई बार कह चूका हूँ फिर भी एक बार और, आजकल क्या शानदार रिपोर्टिंग हो रही है। आज सुबह आपके ही चैनल पर भागलपुर के सिल्क से जुड़ा रिपोर्ट देखा।
एक सवाल बार-बार आ रहा है, बाकी समय मे ऐसे रिपोर्टिंग का अभाव क्यों होता है? महीने मैं एक-आध सप्ताह तो आप स्टूडियो के बाहर से रिपोर्टिंग कर ही सकते है और मुझे नहीं लगता उसके TRP कम होंगे। कृपया आप बताये की कल का आजमगढ़ का जो कार्यक्रम था उसके लिए चुनाव का इंतज़ार करने की जरूरत है? सब रिपोर्ट के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद।

Pragati Pandey said...

ravish ,apki Ajamgarh ki report dekhi,Shibli Academy ka thoda bahut naam suna tha bt it has such a tremendousb history ,is baat se anjaan thi.. aj tak Ajamgarh ki bahut negative si image thi mere jehen me,bt ye repot dekhne k baad laga ki i was quite wrong... laga ki hm abhi bhi kitne anjaan hai apne shehro k swarnim itihaas se...

Gumnaam Abhi said...

यह देखकर जनाजे के फूल भी हैरान हो गए..
कि अब शहीद भी हिन्दू और मुसलमानहो गए..
लहू जो बिखरता है अपने देश की सरहदों पर,
उसके रंग भी राम और रहमान हो गये..!!

सियासत की चालों को कोई समझ न पाया,
खद्दर की खोल में सब शैतान हो गये...
शहरे दिलों में जहां कभी जश्न रहता था,
वहां हरे और केसरिया मकान हो गये..!!
बर्फ में, रेगिस्तानों में, संमुदर में, तूफानों में,
चौकस जवानों के रहबर अब बेईमान हो गये..
मज़हबी बवाल का ज़हर घोल रहे मुल्क की फ़िज़ा में,
कुछ अमित शाह और कुछ आज़म ख़ान हो गये..!

pushpi said...
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pushpi said...

Can I suggest you the right form of the word ? It is अन + जाना = अनजाना । कोई और होता तो अनदेखा (अन+देखा) कर ही दिया होता । कहीं पर छपा चाहे जो हो, अगर आप जैसे भाषा के चितेरे का लिखा हो तो अखरता है । अन्यथा न लें । आपकी भाषा को कसौटी मानकर लोग ग़लत सीख न लें, बस यही उद्देश्य है ।

ramchandra tiwari said...

बहुत बढिया सर । बिल्कुल सही कहा आपने ।

Sandeep Kadian said...

Ravishji रवीशजी आपकी स्वंम बताई बात, "क्या-क्या करते हो, कहाँ-कहाँ जाते हो", लेकिन अपनी कहूँ तो "खूब करते हो, बहुत बढ़िया करते हो"/ आप के कार्यक्रम हमेशा ही ज्ञान से भरपूर होते हैं/ समाज के अनछुए-दरकिनार, भुला दिए मुद्दों और समस्सयाओं को आप जिस ख़ूबसूरती, विस्तार और सादगी से हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं की आप पर गर्व होता है/ आजकल "जाती-धर्म" और वोटिंग पे जो आप "शोध" दिखा रहे है बहुत ही सराहनीय है/

हमें आप पर गर्व है.

Pragati Pandey said...

you are right Sandeep,.Ravish ,jin communities, class k logo ki taraf kisi ka b dhyan nhi hai apne unki taraf hmara dhyanakarshan kiya hai n that is commendable....
lgta hai politics ko apki jaisi soch walo ki bahut need hai mgr if u go to politics then aisi reporting kaun krega!
bt agar hm sb aisi soch acquire karein to society me ek positive change definitely laya ja sakta hai..

govind ballav said...

Aaj agar sabse jyada communal koi hai to wah MEDIA hai jo yah reporting dikhaati hai.. waah sir saheedon ke naam par bhi aapne hindu aur musalman kar diya.... achchha to bilkul nahi laga..

seema singh said...

Bahut khoob