एक आवश्यक सूचना



यह नया पथ का सिनेमा विशेषांक है । हिन्दुस्तान का सिनेमा सौ साल का हुआ है और जश्न ऐसे मनाया गया जैसे ये सिनेमा किसी का था ही नहीं । चंद हलचलों के साथ सौ बरसवां साल जा भी रहा है । इस मौक़े पर जनवादी लेखक संघ की पत्रिका नया पथ का विशेषांक आया है । साढ़े तीन सौ पन्नों में सिनेमा के अलग अलग रूप समाहित हैं । सिनेमा पर लिखने वाले कुछ बेहतरीन नाम हैं । शिखर झींगन, अरविंद कुमार, कृष्ण कुमार, संजीव कुमार, रवींद्र त्रिपाठी, विभास वर्मा , अकबर महफ़ूज़ आलम रिज़वी,अजय ब्रह्मात्मज,रविकांत, आशीष नंदी के लेख हैं । सब हिन्दी में है । यह समीक्षा नहीं है सूचना है । डेढ़ सौ रुपये की इस पुस्तकनुमा पत्रिका को आप 9818859545, 9811119391 पर फ़ोन कर मँगा सकते हैं । पढ़ियेगा तो आपका भला ही होगा वर्ना टीवी की डिबेट देखिये जिससे आप रोज़ अपठनीय सामग्री के रूप में तब्दील हो जाते हैं । काउच दर्शक से अच्छा है कुछ पढ़ा जाए । मैं यह नहीं कहता कि नया पथ का सिनेमा विशेषांक ही पढ़ा जाए पर टीवी कम देखिये । टीवी देखने से कृपा नहीं आएगी ! ( अंतिम पंक्ति टीवी पर आने वाले निर्मल बाबा की 'कृपा' विधि से प्रेरित है ) । संग्रहणीय विशेषांक है । कृपा आयेगी । 



10 comments:

sure376 said...

Kripa 5ruppaiya mein modi ji ka speech sunkar 10 ruppaiya mein pol party se rti mangakar ya phir 5 rupayya mein jama masjid mein khana khakar aati hai

मनप्रीत सिंह said...

रविश सर , आपको एक बात कहना चाहता हु , शायद आपने भी इस बात को महसूस किया होगा की प्राइम टाइम की शुरुआत में आप बड़े जोश से लबरेज होते है | चहरे पर एक मुस्कान होती है और आखिर में समाप्ति पर आपका चहरा मायूस सा प्रतित होता है | जैसे की इस सिस्टम को हम अब बदल नहीं सकते आप ये सबको कहना चाहते हो ऐसा प्रतित होता है आखिर में | मुझे ऐसा लगता है हो सकता है मै गलत हाउ | धन्यवाद सर |

pragati sinha said...

khud kamaati toh kharid leti shayad...:(

ब्लॉग - चिठ्ठा said...

आपके ब्लॉग को "ब्लॉग - चिठ्ठा" में शामिल किया गया है। सादर …. आभार।।

shobhraj said...

acha hua aapne nirmal baba wali baat bata di...thankyou ravish sir

shobhraj said...

acha hua aapne nirmal baba wali baat bata di...thankyou ravish sir

Prateek said...

Fabulous

u know, we people spend four hour and 4gb data to watch ur most reliable and trustworthy news debates.
keep doing ,we are with you ..
:)

Manoj Uniyal Rishikesh said...

Sir jaroor khareedoonga ye kitab e

Kavita Saxena said...

sir pahle aapke tweet ke jariye aisi jankari mil jati thi.jab se aapne apna twitter account band ker diya kitna miss karte hai ham log;;;;isi tarah nai jankari dete rahenge.thanks

ब्लॉग - चिठ्ठा said...

आपकी इस प्रस्तुति को शुभारंभ : हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियाँ ( 1 अगस्त से 5 अगस्त, 2013 तक) में शामिल किया गया है। सादर …. आभार।।

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