तेरा राम ही करेंगे बेड़ा पार...



ये फोटू एनडीटीवी के बाहर दादा की दुकान से सटी दीवार पर लगी है। मनहर मुताबिक लखन ने लगाई है। लखन तबाकू,पान बीड़ी का प्रचार प्रसार कर रोज़गार पा रहे हैं। सरकार का फरमान आया है कि अठारह साल से कम उम्र के लोगों के लिए तंबाकू बेचना अपराध है। इस बीच में एक और कानून है कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कमाए खाए आदमी कि कानून पालन करवाए। सो राम भरोसे हवाले कर दिया गया है। दिल्ली में ये आदेश पत्र हर पान दुकान पर अवतरित हो चुका है। कितना पालन हो रहा है वो रामजी जानते हैं। रामजी से घबराने की ज़रूरत नहीं है। वो सिर्फ नैतिक दबाव ही बना दें तो काफी है। वर्ना रामजी और गणेश जी लखन की भक्ति पूजा के ही काम आ रहे हैं। फोटू देख के लगा कि कोई अठारह से कम वाला तंबाकू खरीदा तो राम जी तीर से टन देनाक गरदनवे भांज देंगे। उड़ के चल जाएगा रोडवा पार। देखो देखो...जहां तहां से शहर को देखो और गाओ...तेरा राम ही करेंगे बेड़ा पार..उदासी मन काहे को करे..महक सिल्वर..मेरा दिलबर। ये आज के अखबार में किसी गुटका का स्लोगन है।

15 comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

यदि नाबालिगों की तंबाकू और तंबाकू उत्पाद खरीद पर वास्तविक रोक हो जाए तो बहुत भला हो। ये लत इसी उम्र में लगती है।

Abhishek Kumar Srivastava said...

काश हम इस प्रकार के कानूनों का सख्ती से पालन कर सकते !
तो राम भरोशे नैया पार लगाने की नौबत ही नहीं आती केवल कुछ लिख कर चस्पा कर देने से समाज में फैली ये बीमारी ठीक नहीं होने वाली इसके लिए जन जागरण की आवश्यकता है ! हम अपने हर संभव स्तर पर इसके लिए प्रयास कर सकते हैं !
हर तम्बाकू उत्पाद पर ये लिखा होता है की तम्बाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है लेकिन कितने प्रतिशत लोग उस चेतावनी को पढ़कर तम्बाकू का सेवन बंद कर चुके हैं ???
निश्चित तौर पर इसमें सरकार की भागीदारी काफी अहम् हो जाती है परन्तु एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें खुद यदि तम्बाकू का सेवन करते हों तो बंद कर देना चाहिए और लोगों को इस कार्य के लिए प्रोत्शाहित करना चाहिए !!
तब जाकर शायद हम भविष्य में एक नशा मुक्त समाज की अवधारणा को साकार कर पाएंगे !!
रवीश जी धन्यवाद की आपने ऐसे ज्वलंत बिषय के बारे में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

sushant jha said...

वो पानवाला गलत पेशे में आ गया। उसे या तो एड एजेंसी में होना चाहिए या फिर गंभीर(?) किस्म का कवि होना चाहिए था जो प्रतीकों और बिंबो के माध्यम से अपनी बात कहता! यूं, उसके सोचने के तरीके पर बहस हो सकती है कि उसने फोटू क्यूं लगाया। हो सकता है उसने सोचा हो कि चूंकि राजा-सामंत और भद्रजन, सुरा-सुंदरी और तमाम तरह चीजों को आदर्श मानते थे-राम जिसके अबतक के इतिहास में सबसे बड़े तारणहार-खेवनहार-पैरोकार और झंडाबरदार थे-तो उन्हे देखकर कोई भक्त अज्ञात दंड की कामना नहीं करेगा। ये बात उसके वामपंथी झुकाव को दर्शाता है! दूसरा, ये भी हो सकता है कि वो धुर दक्षिणपंथी हो जो नशा बेचने के अपराधवोध में भगवान का फोटू लगाकर 'डैमेज कंट्रोल' करना चाहता हो! बहस के और भी एंगल निकल सकते हैं।

SANJEEV JHA said...

बौधिकों को इस पनवाड़ी से सीख लेनी चाहिए . वे भी तो राम और हनुमान के नाम पर अपनी दुकान चलाते हैं. शुक्रिया रविश जी.

JC said...

Hindu manyatanusar samudra-mkanthan se (Kaliyuga mein) pehle vish nikla jise janata ke agrah par Shivji ne apne gale mein dharan kar liya aur yoon sansar aur usper adharit prani bach gaye...

Shiv ke retirement par sansar chalane ka kam unke suputra Ganesh ko de diya gaya...

Treta mein Ram ji, aur Lankadhipati Ravan bhi, Shiv ke bhakt the, kintu Suryavanshi Ram per unki kripa adhik thi...is karan, Hanuman saman, Ramji ki kripa paane wala dhanya mana gaya - kisi bhi kaal aur kisi bhi sthan per, bhale hi wo koi bhi dhandha karta ho (karmaneyadhikar aste...aapko karm karne ka hi adhikar hai...)...

अबयज़ ख़ान said...

चलो कम से कम कानून से नहीं, तो भगवान राम के धनुष-बण से तो डरेगा... भगवान के नाम पर ही सही, लोग पान कम से कम पान बीड़ी तो पीना छोड़ ही देंगे...

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

यदि तम्बाकू, बीडी, सिगरेट, शराब इतने ही बुरे हैं तो लोगों को इनका उपभोग करने से रोकने की बजाय इनके उत्पादन को ही रोक देना चाहिए.
..........स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है की चेतावनी किस काम की यदि हानिकारक सामान बाज़ार में आ रहा है?
रही बात राम की तो राम का चित्र दिखा तो गाना, स्लोगन सब याद आ गया. याद कीजिये मदर टेरेसा का चित्र पेट से ट्यूमर समाप्त कर सकता है तो राम जी का चित्र एक छोटी सी बुराई दूर नहीं कर सकता?

अशोक कुमार पाण्डेय said...

पर इस राम जी से कौन बचायेगा?

अरविंद चतुर्वेदी said...

मै क‌टवारिया सराय में रहता हूं। कभी-कभी कश भी लगाता हूँ। एक दिन आँफिस निकल रहा था तो मदरडेरी के पास वाली पान की दुकान पर एक बच्चा बैठा कारोबार सम्भाल रहा था। मैने लिखी लाइन ज़ोर से पढ़ी और धुंआ उड़ाते हुए सोचा कि क़ानून किसके लिए है?

शरद कोकास said...

गनीमत हमने तो एक जगह यह लिखा देखा ....पंक्ति ठीक से याद नही आ रही लेकिन .चलत रघुराई की तर्ज़ पर आगे लिखा था पान खाय बीडी सुलगाई । अब क्या कहें ?

JC said...

Ramji ko kisi ne dekha nahin, is karan waise hi jaise maan, ya bade, bachchon ko darane ke liye kahte hain 'bhoot ajayega', ityadi, unka naam bhi liya jaata hai kyunki yeh bhi mana jaata hai ki bhagwan ka naam lene se labh hi ho sakta hai!

Mukesh hissariya said...

जय माता दी,
कम शब्दों में अच्छा लगा ये मैटर .

Mukesh hissariya said...

जय माता दी,
कम शब्दों में अच्छा लगा ये मैटर .

rakesh said...

तेरा राम ही करेंगे बेड़ा पार.. mojhe aap ka report padh kar aaj ke yug me ram ji ka prachar karna achchha laga...aadmi chahe ja bhi rahe hum hindustaniyu ki yahi khashiyat hai ki ,kisi ki bhagti me leen rehte hai.or margdarshak karte hai .dokan dar bhi yahi kam kar raha hai jo samjhe vo thik jo na samjhen vo thik apna-apna dhang hai.

rakesh

ramakant chaudhary said...

Mahodai,
Yadi nabaligaion ki tambaaku aur iske utpad ki bikri par pratibandh lag jaae to kuch had tak in longon ko bhala ho sakta hai. barhal mera maannaa hai ki inko tambaaku se ho rahi hani ke baare main bhi bataayein to aur bhi badhyan hoga. khasskar nabaligaion ko any saamaajik karya karne par vishesh dhyan kendrit karvane ke liye prerit karain to behtar hoga. aajkal tambaku ke sevan se desh ke naojavan galat rashte par jaa rahain hai jise roka jaanaa hai. dhanybad
RamaKant Chaudhary
Email-rkchaudhary2020@gmail.com