अधूरी उदास नज़्में- सस्ती शायरी

१. क्यूं मुझे देखकर तुम लाल हो गए
मेरी हथेली का रंग तो पीला है

२ चांद पूनम का कितना अकेला है
चांदनी में इसके तारे खो गए हैं

३. रंग लेना आज तुम खुद ही
मैं सब रंगों में खो गया हूं

4. मेरी पीठ के पीछे अक्सर वो शिकायत करते हैं
समझदार है काफी,सामने का अंजाम पता है

५. तुम मुझ पर हंसते रहोगे कब तक
मुझे इस बात पर रोना आता है

६. घर में बैठ कर विचारक हो गया हूं
पत्रकार था,वरिष्ठ लेखक हो गया हूं

७. वो हर बात में कहते हैं मुझसे बड़ा कोई नहीं
ये खुदा का इंसाफ है,वर्ना उन्हें भी लंबा बनाता

८. हर लंबू को लगता है उसे आसमान दिखता है
ये खुदा का इंसाफ है,ज़मीन को नीचे बनाया

९. अबे साले तू, किस गली की मूली है
सलाद में कटती है,पराठे में भुनती है

१०. ये नज़्म दस नंबरी है दोस्तों
शायर थोड़ा कम है, दो नंबरी है

26 comments:

विनीता यशस्वी said...

चांद पूनम का कितना अकेला है
चांदनी में इसके तारे खो गए हैं

holi ki shubhkamnaaye apko...

JC said...

Holi to 'Krishna' ne kheli
American ko lal rang diya
Angrez ko safed
Bharati/ African ko 'kala'
Chinese/ Japanese ko peela...

Hum manav nakalchhi bandar hain
Kachche rangon se hi
Dil khush kar lete hain:(

Holi ki shubhkamnayein
Sabhi ko:)

Nirmla Kapila said...

sunder abhivyakti hai holi mubarak ho

mehek said...

bahut khub,holi ki badhai.

manvinder bhimber said...

चांद पूनम का कितना अकेला है
चांदनी में इसके तारे खो गए हैं
होली की बहुत बहुत बधाई .......

रंजना [रंजू भाटिया] said...

चांद पूनम का कितना अकेला है
चांदनी में इसके तारे खो गए हैं

bahut sundar bahut khub

creativekona said...

रवीश जी ,
लग रहा है आज पूरी तरह होलीमय हो गए हैं .तभी तो धडाधड कवितायेँ निकल रही हैं .
होली की हार्दिक शुभकामनायें आपके साथ पूरे परिवार को .
हेमंत कुमार

Udan Tashtari said...

बेहतरीन!!!

आपको होली की मुबारकबाद एवं बहुत शुभकामनाऐं.
सादर
समीर लाल

martin देहाती said...

क्यूं मुझे देखकर तुम लाल हो गए
मेरी हथेली का रंग तो पीला है
नाराजगी तुमसे नहीं दोस्त तुम्हारे चैनल से है
वो सबसे तेज़ है, यार तुम्हारा बड़ा ढीला है।
(बुरा ना मानो होली है। और मानो तो मान जाओ मेरा क्या बिगाड़ लोगे।)

martin देहाती said...

चांद पूनम का कितना अकेला है
चांदनी में इसके तारे खो गए हैं

पूनम को दादाजी क्यों नहीं दिखते
नभ को ताकते मेरे प्यारे सो गये हैं
(एक तारा है जिसके बारे में मैंने दोनों बच्चों को कह रखा है कि ये दादाजी हैं जो 4 साल पहले हमको छोड़कर चले गये)

martin देहाती said...

रंग लेना आज तुम खुद ही
मैं सब रंगों में खो गया हूं

इस बेदिल दिल्ली में अब
कौन आता है होली मिलने
गलती से कोई आ भी जाये तो
कह देना मैं सो गया हूं।
(कितने दिनों बाद छुट्टी मिल पाई है यार)

martin देहाती said...

मेरी पीठ के पीछे अक्सर वो शिकायत करते हैं
समझदार है काफी,सामने का अंजाम पता है

सरवाइवल के लिये क्या-क्या करना पड़ता है
किसी का हरिराम बनना अब नहीं कोई खता है।

martin देहाती said...

तुम मुझ पर हंसते रहोगे कब तक
मुझे इस बात पर रोना आता है

होली तक छोड़ दिया, संभल जाओ
वरना मुझे भी धोना आता है।
(क्या सही वीर रस में मारा है बाप)

martin देहाती said...

वो हर बात में कहते हैं
मुझसे बड़ा कोई नहीं
ये खुदा का इंसाफ है,
वर्ना उन्हें भी लंबा बनाता।

पावर का फंडा अलग है प्यारे
चौड़ाई में भी होती है
कैसा लगता अगर हमारा
नियुक्ति पत्र कोई खंबा बनाता।

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर .... होली की ऐरो शुभकामनाएं।

martin देहाती said...

हर लंबू को लगता है उसे आसमान दिखता है
ये खुदा का इंसाफ है, ज़मीन को नीचे बनाया

आसमान ही तो छूना है मेरे दोस्त
बाकी सारा जहां तो,पैरों में समाया है।
(दुनिया के लंबुओ एक हो जाओ)

martin देहाती said...

अबे साले तू, किस खेत की मूली है
सलाद में कटती है,पराठे में भुनती है

रंगों का मेला दिखता है सब्ज़ी का ठेला
कोई तो बात है जो जनता सफेद को चुनती है।
(दुनिया में कुछ ही चीज़ तो सफेद बची हैं, सफेद झूठ के अलावा। सफेद पर दाग मत लगाओ भाई)

रौशन said...

क्या बात है आपने बिलकुल झडी लगा रखी है

martin देहाती said...

ये नज़्म दस नंबरी है दोस्तों
शायर थोड़ा कम है, दो नंबरी है

आदमी भी चैनल हो गया,नंबरों से तुल रहा है
TRP का ज़हर ज़िंदगी के रंग में घुल रहा है।
(नंबर हम देंगे भाई आप अपने आप कैसे ले लेंगे। ना तो आपकी नज़्म 10 नंबरी हैं ना आप दो नंबरी। होली मुबारक।)
(पुनश्च: मैंने सिर्फ नौ लिखी हैं, नौ नंबरी)

Anurag said...

घर में बैठ कर विचारक हो गया हूं
पत्रकार था,वरिष्ठ लेखक हो गया हूं
Thodi der pehle rang-biranga tha
Ab naha-dhokar chakachak ho gaya hoon.
(Martin Dehati ji ne chhod diya tha use poora kar diya hai.)

HAPPY, JOYOUS, FUNNY, COLOURFUL, Boleto Tar-ba-tar, indradhanushi, Super-duper, Zabardast, Xtra-badhiya, Xtra special,
Ekdum mast and dhinchak,
Bole to ekdum jhakaas
“Happy Holi” to u all from ANURAG

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!

होली की शुभकामनाओं सहित!!!

प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर

sonali said...

Just curious to know, Why "Adhure Nazm" and why not "Adhuri Nazmein?"

रश्मि प्रभा said...

4. मेरी पीठ के पीछे अक्सर वो शिकायत करते हैं
समझदार है काफी,सामने का अंजाम पता है
..........bahut sahi,badhiyaa

anil yadav said...

होली की शुभकामनाएं................

आदर्श राठौर said...

चांद पूनम का कितना अकेला है
चांदनी में इसके तारे खो गए हैं
चांद भी तो देता है दगा अमावस को
धीरे-धीरे कर कहीं छिप जाता है,

पूछना ज़रा, किससे मिलने जाता है?



होली की हार्दिक शुभकामनाएं...

JC said...

चेहरे का रंग लाल क्यूँ हुआ?

कल ही जाना की गिरगिट ही नहीं मगर्मछा भी रंग बदलता है!