शकीरा का आना...ठुमके का उत्तरायण होना

अपनी अपनी कमर संभाल लें । ठुमके को शाका लाका करवा लें । बूम बूम शकीरा नाचेगी । टिकट मत कटाइयेगा । हम टीवी पर लाइव दिखायेंगे । मकर संक्रांति की तरह शकीरा संक्राति । उस दिन ठुमका उत्तरायण हो जाएगा । हम सब गंगा में आधा नंगे होकर डुबकी लगायेंगे और सर निकाल कर देखेंगे शकीरा की कमर को दक्षिणायन से उत्तरायण होते हुए । अभी से ही गुड़ तिल की तरह उसके डुप्लीकेटों के बढ़ते भाव से शकीरा संक्रांति का खुमार चढ़ने लगा है ।

एक चैनल पर शकीरा के खानदान परंपरा की कोई बैले डांसर उसके कूल्हों और कमर के कदमताल पर ज्ञान दे रही थी । उसने बताया था कि बलखाने से दर्द नहीं होता । झटका लगता है । वो भी शकीरा को नहीं । टीवी के लफंदर दर्शकों को । और उन चैनलों को भी जो शकीरा को नहीं दिखा पाये । वो चूक भाव के अवसाद में चले गए । अरे हमें भी दिखानी चाहिए थी । दर्शक देखते । ये दर्शक कौन है । ये हिंदुस्तान की समस्त सामाजिक समस्याओं का मानवीय समुच्य है । ह्यूमन सेट । भ्रष्ट सरकारी अधिकारी से लेकर टैक्स चोर व्यापारी, दहेज लोभी युवा आदि आदि लोगों से मिल कर बनता है दर्शक । मगर उसे शकीरा तो नहीं मिल सकती न । वो तो अब आने वाली है । अभी तक वह ओंकारा के बिल्लो चमनबहार पर ही दिल लुटा रहा था । बीड़ी जला रहा था । इस बार शाका लाका करेगा ।

हमारे मुल्क के कस्बों में शकीरा नृत्य लौंडे किया करते थे । किसी चचेरे भाई की शादी में छपरा से लौंडे आए थे । नाच करने । कसक के साथ कमर हिला हिला कर लौंडों ने बिदेसिया गाकर ईस्ट वेस्ट को मिला दिया था । आरा छपरा हिला दिया था । पंद्रह साल पहले की बात है । लाइसेंस राज के ज़माने में । गैट और डब्ल्यू टी ओ अंकल नहीं आए थे । उनके उदार होते ही छपरा के लौंडे गायब हो गए । वो मुंबई के किसी लोकल में वड़ा पाव बेच रहे हैं । ओंकारा की बिल्लो चमनबहार भी पकड़ी जा चुकी है । डांस बार में ताला लग गया है । अब वो शादियों में नाच रही हैं । हर लोकल चीज़ की ऐसी ही गति होनी चाहिए । लोकल फूकल है । भोजपुरी में हम कहते थे । फूकल माने जो चूक गया है । अंग्रेज़ी में कहें तो स्पेंट है ।

शकीरा ग्लोबल है । उसके ठुमके में पूरा ब्रह्मांड है । डिमांड है । वो नाचेगी तो ख़बरें ग़ायब हो जाएंगी । आने दो भाई । कब तक सीटी ही बजाते रहेंगे । कोई तो आ रहा हैं । लाइव देखियेगा । न्यूज़ चैनल पर । जहां इस वक्त शकीरा संवाददाता का पद तैयार हो रहा है । जो शकीरा की कमर की परिधि के आस पास का वर्णन बताएगा या बताएगी..जैसा कि कभी किसी एक रात किसी चैनल पर बताया जा रहा था । उसके कटिप्रदेश के विस्तार वर्णन से हिंदुस्तान में शकीरा संक्रांति की ज्योतिषगणना हो चुकी है । इस शुभ लग्न में डांस डुबकी लगाने वाले चैनलों को अच्छी टीआरपी मिल सकती है । ससुरी नाचेगी तो मीटर अप हो जाएगा ।

6 comments:

indiaroad said...

सही है, हुज़ूर..

अनूप शुक्ला said...

शकीरा ग्लोबल है । उसके ठुमके में पूरा ब्रह्मांड है । डिमांड है । वो नाचेगी तो ख़बरें ग़ायब हो जाएंगी ।सही है!

manu said...

हुज़ूर,
जब शिल्पा यूपी-बिहार लूटकर करोड़ों कमाने के लिए लंदन में टसुए बहाने को तैयार है तो शकीरा का बहादुरी करतब भी देख लेते हैं...आण दो...ज़रा हम भी तो देखें नचनिया को लाइव...लोकल लोगों को भी तो नसीब हो जाए ऊ का ग्लोबल ठुमका...अपना टीवी तो धन्य हो जाएगा न...
रवीश भाई, अपन भी टेलीविजन में ख़बरों में कारोबार से जुड़े हैं...अभिषेक-ऐश्वर्य की सगाई का कर्मकांड, नायर-लिज़ हर्ले की शादी..आदि-आदि..अब ये ही तो है हमारे लिए बड़ी ख़बरें..। ख़ैर, ये कहानी फिर सही...। कुल मिलाकर मज़ा आया आपको पढ़कर...।...यूं भी हम आपको फैन हुए...। लगे रहो रवीश भाई...

मनु पंवार
नई दिल्ली

Sandeep said...

Guru,

Maaf kijiyega... angrezi bhasha ka prayog kar raha hoon.. Hindi typing karna nahin aata.
Aapki Shakeera ke aane waali post padhi... vyang chupa nahin... upar se do shabd hamare bhi .. is bachkaane/ fuhad bartaav wale channelo par:
Hyderabad times main Celina Jaitley ke kutte par marne ki khabar ko jitni jagah mili, utni to shayad Hyderabad ki kisi samasya ko nahin dete yeh log..
Patrakarita ke naame par bakwaas hai.

priyankar said...

शकीरा देवी से सामने ये पूरा फ़कीरा देश बिछ-बिछ जाएगा. भगवान जाने शकीरा नाचेगी या इस देश का भविष्य बांचेगी . जो बिना बांचे भी बंचा हुआ सा ही लगता है. विधाता जो न दिखाए सो थोड़ा .यह शकीरा का ठुमका है या ग्लोबलाइजेशन का हुमका.

Raag said...

क्या लिखे हो बन्धु, एकदम मस्त, शकीरा के "हिप्स" जैसा, दे डोन्ट लाइ।