रंग



13 comments:

Rajeev Ranjan said...

Acha hai Sir, rang hi to bache hain kuch jivan me....

Aanchal said...

इतने सारे रंग *_*
...मुझे भी चाहिए

sachin said...

gubbare naam se ek serial ata tha Zee Tv par .. uski yaad aa gayi :)

gulshan deep kaur said...

rang kitne khoobsoorat hote hai kash zindagi bhi aisi hee hoti khoobsoorat

sita sandhu said...

माँ मुझे दिला दे गुब्बारे
हवा में उड़ने वाले न्यारे न्यारे
सफ़ेद लाल नीले पीले
कितने रंग बिरंगे प्यारे प्यारे
माँ मुझे दिला दे गुब्बारे

देखो हाथ में लेते ही यह गुब्बारे
ऊपर आकाश में उड़ जाते
भागो भागो इनको पकड़ो
फिर भी ये हाथ नहीं आते
माँ मुझे दिला दे गुब्बारे

खिलोनों से भी बढकर हमे गुब्बारे भाते
अनेक रंग रूप में यह है आते
पापा भी तो ख़ुशी ख़ुशी हमारे लिए लाते
इसे देखकर सब हमारे दोस्त बन जाते
माँ मुझे दिला दे गुब्बारे
प्यारे प्यारे न्यारे न्यारे

Rajat Jaggi said...

sita sandhu बहुत अच्छा लिखा आपने , और लिखते रहिएगा

प्रवीण पाण्डेय said...

रंग और उनके अन्दर भरी हवा।

BS Pabla said...

सही बात
गाँवों में 'राजदूत', अर्ध सामंती प्रतीक हुआ करती थी

nptHeer said...

प्लास्तिकिया जीवन के प्लसटिकिए रंग--जो
देंगे प्लास्टिक smiles
और
प्लास्तिकिया खुशियाँ थोड़े से प्लास्टिक समय की plasticity के लिए

nptHeer said...

वैसे.....
रंग "मौन" होते है....
लेकिन रंगों की आभा "बातूनी" :)

Ankit Raj said...
This comment has been removed by the author.
Ankit Raj said...

jine ke liye aadmi ko kya kya karna padta hia????????????

Ankit Raj Mourya said...

jine ke liye aadmi ko kya kya karna padta hia????????????