राम की गंगा


पिछले साल जिम कार्बेट से ऊपर राम की गंगा गया था । शायद यह रिसार्ट का ही नाम है । एक तरफ़ घने पहाड़, उसके नीचे ये रिसार्ट, स्वींमिंग पुल, सामने नदी और फिर नदी के पार पहाड़ । अद्भुत जगह । मोबाइल फ़ोन से खींची इन तस्वीरों को मिटा रहा था सोचा लगा देता हूँ । स्वींमिंग पुल के नीले रंग को पहाड़ नदी और आसमान के नीचे देखना , सिर्फ देखना ही पैसा वसूल है । ख़ासकर यहाँ मोबाइल नेटवर्क कमज़ोर है । हर वक्त गुज़रती नदी अपनी हड़हड़ाहट से बात करती रहती है । नदी से पैदा होने वाली ध्वनि आपके ख़ालीपन को भर्ती रहती है । 










9 comments:

RachnaJha said...

GOOD morning Ravish ji
Ek bahut hi accha blog k umeed hai aaj aapse .umeed hai nirash nahi karenge. Good Day.

sachin said...

वाह ! खूबसूरत ! तस्वीर देखकर ही कितना शांत लग रहा है

प्रवीण पाण्डेय said...

पानी का रंग तो हल्का हरा ही भाता है, पेड़ों से छनकर निकला..

आलोक said...

शुभ प्रभात सर,बहुत ही मनोरम प्राकृतिक दृश्य है प्रकृति की छाँव में अशांत मन को भी श
ांति का अनुभव हो जाए कुछ ऐसा ही दृश्य ये भी है

shruti said...

Awesome place. Excelent photography.

डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर प्राकृतिक दृश्यावली

nptHeer said...

beautiful pictures
वो तो ठीक है
1yr late post
its ok
but
title समझ मैं नहीं आया-resort का promotion?:) :-p
पता है ravishji आप के blog/twts पढ़ने की वजह से हर बात को एक बार -ve पहलु से देख/सोच लेने की आदत पड गई है i mean पहली ही बार मैं जो कहा वही सुना और वही माना वह innocence खो दिया कहीं-जो समयानुसार तो है लेकिन यह सही है क्या?
यह आपको इस लिए लिखा क्यूँकी आप media के लोग भी तो innocent होंगे?जो नेताओं के झूठ की वजह से कहीं खो दिया है :-(
ravishji सच को प्राप्त करनेका(कहने/सुनने/महसूस करनेका) एक ही तो तरीका है- 'सच को प्राप्त करें' simple.
आप अपनी पिक्चर गेलेरी की साफ़ सफाई कर रहे थे तो मैंने हेल्प कर दी :) :-p

Amit Jha said...

I AM AMAZED to see all those picture and surprised that you have learnt a lot to your cameraman how to take photo. brilliant...thanks for this lovely view.

Rajat Jaggi said...

ahaa mazzaa aagya