कुछ बेतरतीब तस्वीरों के बहाने दुनिया












21 comments:

सतीश पंचम said...

तस्वीरें सुंदर हैं। वो जो पहले चित्र में नियर यादव मार्केट लिखा है....वह भोजपुरी में है कि अंग्रेजी में....कृपया बतायें :)

क्योंकि 'नियर' शब्द का अर्थ इंग्लिश में भी 'नजदीक' है और भोजपुरी में भी 'नजदीक' ही है

....कहा जाता है कि फलांना के घर 'नियरे' बा।


नियर का एक और अर्थ है कि 'नीला रंग'

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एक सूचना : -

कमाल खान जी मिले पुरस्कार से संबंधित मेरी आज की पोस्ट है....लिंक यह रहा.....कुछ आपको भी लपेटे में लिया है....का है कि आप भी उन्हीं के 'नियरे-नियरे' हैं :)


http://safedghar.blogspot.com/2010/07/blog-post_23.html

श्याम कोरी 'उदय' said...

... शानदार नजरिया!!!

soni garg said...

चौथी फोटो में क्या लिखा है
कृपया शौचालय जाने के बाद पानी अवश्य डाले !
कृपया पानी ज्यादा ना गिराए, पानी की बचत करे !
ओ भयै, पहले ये decide कर की चाहता क्या है पानी बचाए की शोचालय गन्दा रखे !!!
और दूसरी फोटो वाह क्या कहने, इन महाशय को किसी ने ख़रीदा या नहीं ????

Parul said...

nice :):):)

कुलदीप मिश्र said...

दूसरी और पांचवी फोटो ग़ज़ब हैं !

Adee said...

शब्दों के इस बाज़ार में तसवीरें headlines बन के बोलती हैं :)

Madhu chaurasia, journalist said...

अच्छी तस्वीरें सर...

anoop joshi said...

bhaut khoob sir

मुनीश ( munish ) said...

वाकई बे-नज़ीर, उम्दा, दिलकश ! आप पे 'जुरबाना' किया जाता है कि ऐसा माल सप्लाई करते रहें बराबर ..झोम्म बराबर ..झूम !

शोभना चौरे said...

asli bhart .
shandar

सहसपुरिया said...

दूसरी और पांचवी फोटो अच्छी हैं .

JC said...

जीवन एक चलचित्र समान है: भूत में तैयार की गयी फिल्म समान... 'भारत' योगियों का देश है और 'हिन्दू' कहलाये जाने योग्य उसे ही माना गया जिसने 'माया' का अर्थ जान लिया, यानि भगवान् निराकार और साकार मिथ्या!

सुधीर said...

दुनिया का हाल ही नहीं, दिल और दिमाग की बात भी बयां करतीं तस्वीरें।

kunal said...

wow ravish....
Jitna v likhu apke liye kam hi hoga.....
Wo gandhinagar ka putla v smart lag rha h..... Ek photo aur lagana chahiye tha wo admi jo gari par so rha tha....

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

दुनिया रंगबिरंगी

कुलदीप मिश्र said...

हमारे एक मित्र बता रहे थे कि एक अच्छे स्तरीय होटल के टॉयलेट में नोटिस लगा था-

कृपया फ्लश का प्रयोग करें. ध्यान रखें कि निशाना न चूके.

मित्र के पास फोटो भी है. अपलोड करवाने तक इंतज़ार नहीं कर पाया. सोचा कि फ्लेक्स क्रांतिकारी तक यह ख़बर तुरंत पहुंचानी ज़रूरी है :)

Voice of youths said...

मेरे पास तारीफ़ के लिए कुछ शब्द ही नहीं हैं अगर आपके पास मेरे लिए कुछ शब्द हो तो ज़रुर बताएँगे|

Anoop Aakash Verma said...
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Anoop Aakash Verma said...

भाई जी प्रणाम! कहाँ से खोज लाते हैं..दूसरी फोटो भा गई....हाहाहाहाहाहाहा

sushant jha said...

चपरासी शब्द हमारे असली भारत का आईना है...दुनिया में भले ही चपरासी खत्म हो गए हों या किसी दूसरे नाम से जाने जाते हों लेकिन हमारे यहां चपरासी का स्कोप बचा हुआ है...न सही चपरासी आप उसे सेक्युरिटी गार्ड के तौर पर 4000 रुपये में पूरे महीने के लिए तो खरीद ही सकते है। तमिलनाडू सैलून दिलचस्प है जो खालिस देवनागरी में अपना विज्ञापन देता है। लगता है कि सैलून वाले को अभी भी ये उम्मीद है कि तमिलनाडू के लोग ग्लोबलाईजेशन के दवाब में जरुर हिंदी सीख लेंगे। साईंबाबा और भोलाबाबा में जबर्दस्त कंपीटीशन दिख रहा है जैसे हनुमान और शनि में। अब यकीन होने लगा है कि ऐसे ही कभी पौरोणिक युग में विष्णु और शिव ने इंद्र, वरुण और मरुतों को धकिया कर अपनी जगह बना ली होगी। वैसे फ्यूजन के इस युग में इस बात में कोई ताज्जुब नहीं की कल को कोई बंदा साईंबाबा के हाथ में डमरु और त्रिशूल पकड़ा दे..!

sushant jha said...

वैसे वेदप्रकाश शर्मा के शब्दों में कहूं तो 'हाहाकारी' तस्वीरें हैं ये...!