आपातकाल

भूतकाल न भविष्यकाल
आपातकाल आपातकाल
सारा पावर अपना माल
सारी सेना अपनी ढाल
कदमताल कदमताल
आपातकाल आपातकाल


मोटी वर्दी बन कर खाल
दो दो कुर्सी की है चाल
बीच में टपका है यह काल
सत्ता का है यह मायाजाल
मुशर्रफ़ पर आया महाकाल
आपातकाल आपातकाल

13 comments:

Beji said...

कितना कड़वा सच !!

अनूप शुक्ल said...

सच बयानी है।

अनूप शुक्ल said...

सच बयानी है।

अनूप शुक्ल said...

सच बयानी है।

एक पंक्ति said...

रवीशभैया....
महाकाल है महाकाल
पाक देश का आपातकाल
निपट ही जाए अपने कृत्यों से
तो मिट जाए जी का जंजाल

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

छल कबड्डी ताल ताल
मुशरफी मूंछे लाल लाल
राजनीति का अंतिम जाल
अपात्काल आपात्काल

बुरे हो रहे हाल हाल
खूब बज रहे गाल गाल
बचा पाक है बाल बाल
आपात्काल आपातकाल

http://bhaarateeyam.blogspot.com

http://brijgokulam.blogspot.com

निशान्त said...

उल्लेखनीये यह है की आपातकाल के कारण में न्यायिक दखल को बताया गया है. और आपातकाल के साथ चीफ जस्टिस को बदल दिया गया. मालूम नहीं मुशर्रफ़ की और क्या मंशा है आपने देशवासियों के दमन के लिए.

ravish said...

एक पंक्ति और अरविंद जी

आप तो पहुंचे हुए कवि हैं। बहुत अच्छा लिखा है।

आशीष said...

मुशर्रफ़ पर आया महाकाल
आपातकाल आपातकाल

रचना में दम है...लेकिन रवीश जी आपको इसे थोडी और लम्बी नहीं लिखनी चाहिए थी?

MUKHIYA said...

aapake Nai Sadak par NUSRAT jee ka GAZAL suna aur Pakistaan par apakee Kavita :)

pawan lalchand said...

ravishji bilkul yahi hai pakistan ki haqiqat..

kundan said...

कमोबेस स्थितियां अपने यहाँ भी बहुत अलग नहीं है।

अजित said...

अच्छी कविता है भाई ...