भूतकाल न भविष्यकाल
आपातकाल आपातकाल
सारा पावर अपना माल
सारी सेना अपनी ढाल
कदमताल कदमताल
आपातकाल आपातकाल
मोटी वर्दी बन कर खाल
दो दो कुर्सी की है चाल
बीच में टपका है यह काल
सत्ता का है यह मायाजाल
मुशर्रफ़ पर आया महाकाल
आपातकाल आपातकाल
आपातकाल
Subscribe to:
Post Comments (Atom)



13 comments:
कितना कड़वा सच !!
सच बयानी है।
सच बयानी है।
सच बयानी है।
रवीशभैया....
महाकाल है महाकाल
पाक देश का आपातकाल
निपट ही जाए अपने कृत्यों से
तो मिट जाए जी का जंजाल
छल कबड्डी ताल ताल
मुशरफी मूंछे लाल लाल
राजनीति का अंतिम जाल
अपात्काल आपात्काल
बुरे हो रहे हाल हाल
खूब बज रहे गाल गाल
बचा पाक है बाल बाल
आपात्काल आपातकाल
http://bhaarateeyam.blogspot.com
http://brijgokulam.blogspot.com
उल्लेखनीये यह है की आपातकाल के कारण में न्यायिक दखल को बताया गया है. और आपातकाल के साथ चीफ जस्टिस को बदल दिया गया. मालूम नहीं मुशर्रफ़ की और क्या मंशा है आपने देशवासियों के दमन के लिए.
एक पंक्ति और अरविंद जी
आप तो पहुंचे हुए कवि हैं। बहुत अच्छा लिखा है।
मुशर्रफ़ पर आया महाकाल
आपातकाल आपातकाल
रचना में दम है...लेकिन रवीश जी आपको इसे थोडी और लम्बी नहीं लिखनी चाहिए थी?
aapake Nai Sadak par NUSRAT jee ka GAZAL suna aur Pakistaan par apakee Kavita :)
ravishji bilkul yahi hai pakistan ki haqiqat..
कमोबेस स्थितियां अपने यहाँ भी बहुत अलग नहीं है।
अच्छी कविता है भाई ...
Post a Comment