क्या मैं भी

पिछले कुछ दिनों से अपने बारे में चर्चा सुन रहा हूँ । आस पास के लोगों का मज़ाक़ भी बढ़ गया है । क्या तुम भी 'आप' हो रहे हो । आशुतोष ने तो इस्तीफ़ा दे दिया । तुम्हारा भी नाम सुन रहे हैं । एक पार्टी के बड़े नेता ने तो फ़ोन ही कर दिया । बोले कि सीधे तुमसे ही पूछ लेते हैं । किसी ने कहा कि फ़लाँ नेता के लंच में चर्चा चल रही थी कि तुम 'आप' होने वाले हो । साथी सहयोगी भी कंधा धकिया देते हैं कि अरे कूद जाओ । 

मैं थोड़ा असहज होने लगा हूँ । शुरू में हंस के तो टाल दिया मगर बाद में जवाब देने की मुद्रा में इंकार करने लगा । राजनीति से अच्छी चीज़ कुछ नहीं । पर सब राजनेता बनकर ही अच्छे हो जायें यह भी ज़रूरी नहीं है । ऐसा लगा कि मेरी सारी रिपोर्ट संदिग्ध होने लगी है । लगा कि कोई पलट कर उनमें कुछ ढूँढेगा । हमारा काम रोज़ ही दर्शकों के आपरेशन टेबल पर होता है । इस बात के बावजूद कि हम दिनोंदिन अपने काम में औसत की तरफ़ लुढ़कते चले जा रहे हैं, उसमें संदिग्धता की ज़रा भी गुज़ाइश अभी भी बेचैन करती है । उन निगाहों के प्रति जवाबदेही से चूक जाने का डर तो रहता ही जिसने जाने अनजाने में मुझे तटस्थ समझा या जाना । कई लोगों ने कहा कि सही 'मौक़ा' है । तो सही 'मौक़ा' ले उड़ा जाए ! दिमाग़ में कैलकुलेटर होता तो कितना अच्छा होता । चंद दोस्तों की नज़र में मैं भी कुछ लोकप्रिय (?) हो गया हूँ और यही सही मौक़ा है । क्योंकि उनके अनुसार एक दो साल में जब मेरी चमक उतर जाएगी तब बहुत अफ़सोस होगा । मेरा ही संस्थान नहीं पूछेगा । मुझे पत्रकारिता में कोई नहीं पूछेगा । लोग नहीं पहचानेंगे । मेरे भीतर एक डर पैदा करने लगे ताकि मैं एक 'मौके' को हथिया सकूँ । तो बेटा आप से टिकट मांग कर चुनाव लड़ लो । हमारे पेशे में कुछ लोगों का ऐसा कहना अनुचित भी नहीं लगता । हम चुनें हुए प्रतिनिधियों के संगत में रहते रहते खुद को उनके स्वाभाविक विस्तार के रूप में देखने और देखे जाने लगते हैं । यह भ्रम उम्र के साथ साथ बड़ा होने लगता है । कई वरिष्ठ पत्रकार तो मुझे राज्य सभा सांसद की तरह चलते दिखाई देते हैं । तो मैं भी ! हँसी आती है । मुझे यह मुग़ालता है कि इस भ्रम जाल में नहीं फँसा हूँ और चमक उतर जाने का भय कभी सताता भी नहीं । जो जाएगा वो जाएगा । इसलिए जो आया है उसे लेकर कोई बहुत गदगद नहीं रहता । न हीं कोई काम यह सोच कर करता हूँ िक तथाकथित लोकप्रियता चली जाएगी । जाये भाड़ में ये लोकप्रियता । 

इसका मतलब यह नहीं कि राजनीति को किसी और निगाह से देखता हूँ । इसका मतलब यह भी नहीं कि हम पत्रकारिता ही कर रहे हैं । पत्रकारिता तो कब की प्रदर्शनकारिता हो गई है । जब से टीवी ने चंद पत्रकारों के नाम को नामचीन बनाकर फ़्लाइओवर के नीचे उनकी होर्डिंग लगाई है, भारत बदलने वाले उत्प्रेरक तत्व( कैटलिस्ट) के रूप में, तब से हम अपने पेशे के भीतर और कुछ दर्शकों की नज़र में टीवी सीरीयल के कलाकारों से कुछ लोकप्रिय समझे जाने लगे हैं । नाम वालों का नामचीन होना कुछ और नहीं बल्कि समाप्त प्राय: टीवी पत्रकारिता की पुनर्ब्रांडिंग है । इसलिए कोई पत्रकार टीवी छोड़ दे तो बहुत अफ़सोस नहीं किया जाना चाहिए । राजनीति असीम संभावनाओं का क्षेत्र है । टीआरपी की दासी है पत्रकारिता । बीच बीच में शास्त्रीय नृत्य कर अपनी प्रासंगिकता साबित करती हुई आइटम सांग करने लगती है । 

अच्छे लोगों को राजनीति में प्रतिनिधि और कार्यकर्ता दोनों ही बनने के लिए आना चाहिए । आम आदमी पार्टी के बारे में पहले भी लिखा है कि इसके कारण राजनीति में कई प्रकार के नए नए तत्व लोकतंत्र का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं । समय समय पर यह काम नई पार्टियों के उदय के साथ होता रहा है । मगर जिस स्तर पर आम आदमी पार्टी ने किया है वैसा कभी पहली बार कांग्रेस बन रही कांग्रेस ने किया होगा । मेरी सोसायटी के बच्चे भी लिफ़्ट में कहते हैं कि अंकल प्लीज़ अरविंद केजरीवाल से मिला दो न । मेरी बेटी कहती है कि सामने मिलकर सच्ची में आटोग्राफ लेना है । अरविंद को सतर्क रहना चाहिए कि उन्हें इन उम्मीदों को कैसे संभालना है । अरविंद ने राजनीति को सम्मानजनक कार्य तो बना ही दिया है । इसलिए उन पर हमले हो रहे हैं और हमले करने वाले उनके नोट्स की फोटोकापी करा रहे हैं । सस्ते में नंबर लाने के लिए । 


जहाँ तक मेरा ताल्लुक़ है मैं उस बचे खुचे काम को जिसे बाज़ार के लिए पत्रकारिता कहते हैं अंत अंत तक करना चाहता हूँ ताकि राजनीति का विद्यार्थी होने का सुख प्राप्त करता रहूँ । टीवी में महीने में भी एक मौक़ा मिल जाता है तो असीम संभावनाओं से भर जाता हूँ । कभी तो जो कर रहा हूँ उससे थोड़ा अच्छा करूँगा । राजनीति जुनून है तो संचार की कला का दीवानापन भी किसी से कम नहीं । हर किसी की अपनी फ़ितरत होती है । राजनीति को आलोचनात्मक नज़र से देखने के सुख को तब भी बचाकर रखना चाहता हूँ जब दर्शकों की नज़र से मैं 
उतार दिया जाऊँगा । 

मैं वर्तमान का कमेंटेटर हूँ, नियति का नहीं और वर्तमान का आंखो देखा हाल ही बता रहा हूँ । मैंने कभी आम आदमी पार्टी की रिपोर्टिंग इस लिहाज़ से नहीं की कि इसमें मेरे लिए भी कोई संभावना है । बल्कि मैंने इसमें राजनीति के प्रति व्यापक और आलोचनात्मक संभावनाए टटोली है । इस लिहाज़ से किसी दल की रिपोर्टिंग नहीं की । मेरे मास्टर ने कहा था कि बेटा बकरी पाल लेना मुग़ालता मत पालना । बकरी पालोगे तो दूध पी सकते हो, खस्सी बियाएगी तो पैसा कमाओगे, कुछ मटन भी उड़ाओगे । मुग़ालता पालोगे तो कुछ नहीं मिलेगा । 

इसका मतलब यह नहीं कि आशुतोष ने ग़लत फ़ैसला लिया है बल्कि बहुत सही किया है । पत्रकार पहले भी राजनीति में जाते रहे हैं । बीजेपी कांग्रेस लेफ़्ट सबमें गए हैं । आशुतोष का जाना उसी सिलसिले का विस्तार है या नहीं इस पर विद्वान बहस करते रहेंगे । उन्होंने एक साहस भरा फ़ैसला लिया है । इससे राजनीति के प्रति सकारात्मकता बढ़ेगी । वो अब अंतर्विरोधों की दुनिया से बचते बचाते निकल आएं और समाज का कुछ भला कर सकें इसके लिए मेरी शुभकामनायें ( हालाँकि पेशे में उनका कनिष्ठ हूँ ) । अब वो राजनीतिक हमलों के लिए खुद को तैयार कर लें । खाल तो मोटी चाहिए भाई । और आप लोग मुझे हैरत भरी निगाहों से न देखें । कुर्ता पजामा पहनने का शौक़ तो है कुर्ता पजामा वाला बनने की तमन्ना नहीं है । एक दिन बड़ा होकर पत्रकार ही बनना है ! पत्रकार बने रहना कम जोखिम का काम नहीं है भाई ! बाक़ी तो जो है सो हइये है ! 

 

105 comments:

Aanchal said...

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना :)

manthan said...

hindi media me vaise bhi 2-3 hi naam hi hai jo apni alg pehchaan rakhte hai wo bhi yadi rajniti mein chale jaayege to hindi media me kuch nahi bachega. Rahi baat AAP ki to uske prati aap(ravishji) soft corner to rakhte hi ho, Par ab bachcha(AAP) bada ho gaya hai isliye aap ko yeh soft corner smapt kar dena chahiye

shashi ranjan kumar said...

बाक़ी तो जो है सो हइये है! तो नो टेंशन

paintings by artist kawal mehta said...

well said, dil se kaha hai

paintings by artist kawal mehta said...

well said, dil se kaha hai

Amit Jha said...

kya bolu ravish ji aapko salah dene ki hasiyat to nhi hai lekin ha itna chahta hu ki aap jaise log jo sach me samaj me niche ke logo ke liye dil me soft corner rakhte hai unhe politics me aan achahiye, hume bahut khushi hogi lekin aapka prime time aur raat ka 9-10 miss hone ka bhi afso srahega lekin aap agar aate ho to shayad youth me politics ko leke aur jyada positivity aaye humm aapke desicion ka aklan to nhi kar skate lekin har decision me aapke saath hai, as a journalist aur as a politician you will be ideal.

SHAHBAZ HAIDER said...

Aap AAP main jaye ya bjp main jaye . Lakin hume kam se kam Aap 1 hour tv per chahiyye. Ye hamari mang hi nahi zid hain.

SHAHBAZ HAIDER said...

Aap AAP main jaye ya bjp main jaye . Lakin hume kam se kam Aap 1 hour tv per chahiyye. Ye hamari mang hi nahi zid hain.

amrita said...

ravish,
aashutosh ka news dekhne k baad main soch rahi thi ki aap shayad kuch likhenge..........
aap ne jo mahsus kiya o likha.....achha laga.
log kya sochte hai jyada mayne nahi rakhta......jahan aap khush, hm b khush...........sabki class lagate rahiye!

amrita said...
This comment has been removed by the author.
Kaushal Lal said...

लगता है दिल पे लगी ......

DURGANANDAN SINGH said...

बाक़ी तो जो है सो हइये है !

Kamal Upadhyay said...

काफी बढ़िया लिखा है आप ने ! कल रात का शो देखा था तो ऐसा कही नहीं लग रहा है कि अब आप आप के साथ है :) परन्तु आशुतोष जैसे बड़े पद के पत्रकार का राजनीती में दाखिल मेरे मन में एक सवाल खड़ा कर देता है। क्या सभी समाचार चैंनल आशुतोष के प्रति एक उदारता नहीं दिखाएंगे। राजनीती गन्दी है और उसमे आसुतोष जैसे लोगो के उतरने से लोगो का विश्वास राजनीती में बढ़ेगा। आप जैसा कर रहे है वैसा करते रहिए। मै नहीं चाहता कि आप के बारे में भला बुरा लिखू , राजीनति में जायेंगे तो आलोचनाओ का सामना तो करना ही पड़ेगा। आज कल आप ट्विटर से नदारद है, आपका का ईमेल i.d दे तो दिन में एक दो बार जरूर कुछ न कुछ लिख कर भेज दूंगा। हमें भी पढ़िए तो आम लोगो कि मानसिकता का ज्ञान और बढ़ेगा। टाइप करने में ज्यादा टाइम न लगाये आप के हाथ का घाव फिर तकलीफ देगा।

CA MANOJ JAIN said...

Sir Ji kya kahen aap ko. aajkal aap wo sab likh rahe ho jo dil mein hai. aisa kaise kar lete ho sir. aap mahan ho. great sir great . AAP to prime time se hi Politics ko thik kariye......join mat karna sir

Amit Jha said...

नाम पर मेरे पड़ीं जब 'आप'की परछाइयां
हर तरफ बजने लगीं जीत की शहनाइयां
हंसके अपनी पार्टी में कर लिया शामिल मुझे
'आप'की नजरों ने समझा... :)
best of luck for you. agar log aapke dwara dikhaye gye program ko sandeh ke nazar se dekhnge jaisa ki aapne khud kaha to fir kya ab aap ya log bhi aashutosh ke programs ko sandeh ke nazar se dekhenge?

Mahendra Singh said...

Ravishji, AAP ke Masterji kee seekh sachmuch ganth bandhane walee hai.Vaise sahi kahoo to main bhi AAP join karne ke bare soch raha hoon.UP wale Sanjai Singh apne ilake ka jo hai lekin dikkat yeh hai Family ka kharcha kaise chalega, Bank me itna kama ke rakha nahi hai. Iska doosra pahlu bhee hai ke yadi bank me jyada rakha hota to mere andar AAP ke join karne kee patrata nahi hotee. Vaise aapka is bare me kya khayal hai...

DHAMMADEEP BHAGAT said...

Sir, the agenda of all the political parties are almost the Same ! Joining aap will not make much of a difference, you are Doing an Exceptionally good Job by Seeking Logical And Practical conclusions and we all meticulously listen to u ! Regards to you !

harish kumar said...

रवीशजी , आप तो बस आप ही हैं , क्षमा करें कोई और मतलब न निकालें ,मैं तुम नहीं कह सकता , कहीं मत जाइये , पत्रकारिता में भी कुछ ईमानदारों को रहने दीजिये , धन्यवाद

saraswat said...

"रंज की जब गुफ्तगू होने लगी, आप से तुम, तुम से तू होने लगी" तो आशुतोष के लिए तो अच्छा है, तू से तुम और तुम से आप होगे तो गुफ्तगू रंज की तो ना होगी.
रहे आप, तो आप तो आप हैं, कभी तुम रहे नही. जैसे थे, जैसे हैं, वही बने रहे तो कुछ लोग हम जैसे तो खुश रहेंगे.

saraswat said...
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varsha said...

चमक उतर जाने का भय कभी सताता भी नहीं । जो जाएगा वो जाएगा । इसलिए जो आया है उसे लेकर कोई बहुत गदगद नहीं रहता । न हीं कोई काम यह सोच कर करता हूँ िक तथाकथित लोकप्रियता चली जाएगी । जाये भाड़ में ये लोकप्रियता ।

tapasvi bhardwaj said...

brilliant...dude you should join politics...not because you are popular but because of your philosophical & beautiful perspective towards life...aur haan ..politician bankar blog likhna mat chodna plz...i really like it...infact i like it more than your show"prime time"

tapasvi bhardwaj said...

brilliant...dude you should join politics...not because you are popular but because of your philosophical & beautiful perspective towards life...aur haan ..politician bankar blog likhna mat chodna plz...i really like it...infact i like it more than your show"prime time"

pragati sinha said...

wo kaam kariye jisme aapka dil laga rahe,aur rahi hamari baat toh hm toh aapko roz dekhna chahte hain,sab ki class lete hue.Toh bas yahin rahiye hamare pass :)

Kamal Pandit said...

आशुतोष, राजनीती और मीडिया
कल शाम आज तक के पत्रकार राहुल कँवल ने ट्विटर पर लिखा कि अगले २४ - ४८ घंटो में एक बहुत बड़ा पत्रकार आम आदमी पार्टी से जुड़ने वाला है। राहुल का ट्वीट पढते ही मैंने उन्हें लिखा "मेरे ख्याल से वो नाम आशुतोष है " क्या ये विचार करने वाली बात नहीं है ? मेरे मन में आशुतोष का नाम कैसे आया ? तो मेरा जवाब बहुत ही सीधा है। मैं ट्विटर पर सभी राजनेता और पत्रकारो को फॉलो करता हु। आशुतोष के टाइम लाइन पर जाने पर आपको उनका आम आदमी पार्टी कि तरफ उमड़ता उदारपन दिख जायेगा। इस बात कि संभावना को टाला नहीं जा सकता कि उनके इस फैसले से पहेले उनके पत्रकारिता व्यवहार में भी आप के प्रति लचीला पन आया होगा।


परन्तु आशुतोष जैसे बड़े पद के पत्रकार का राजनीती में दाखिला मेरे मन में एक सवाल खड़ा कर देता है। क्या सभी समाचार चैंनल आशुतोष के प्रति एक उदारता नहीं दिखाएंगे ? पेड मीडिया ट्विटर जगत का एक बहुत ही प्यारा टर्म है, खुद आम आदमी पार्टी ने अपने ऊपर होने वाली आलोचना को काफी बार पेड मीडिया का षड़यंत्र कहेकर टाल दिया, तो क्या आशुतोष के इस कदम से मीडिया के ऊपर आशंका वाली नजरे फिर से पैनी नहीं हो जाएँगी। मीडिया जगत खुद आशुतोष के फैसले से दो भाग में बंट गया है। सही और गलत कि दुरी बहुत कम है। सुना समाचार जगत हमेशा सच के साथ है। हाल ही में तरुण तेजपाल के मामले में मीडिया ने कोई कोताही न करते हुए पुरे दिल से उनके खिलाफ रिपोर्टिंग की।

राजनीती गन्दी है और उसमे आसुतोष जैसे लोगो के उतरने से लोगो का विश्वास राजनीती में बढ़ेगा परन्तु राजीनति में जायेंगे तो आलोचनाओ का सामना तो करना ही पड़ेगा। और कभी सवालो के पीछे बैठने वाले आशुतोष को अब जवाबो के लिए तैयार होना पड़ेगा। आशा करते है कि भविष्य में आशुतोष और बड़ी सफलताओ को हासिल करे और भारत को बुल्लंदियो पर ले जाए। भारत एक आजाद मुल्क है और इस आजाद मुल्क में हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। परन्तु आम जनता से बनी आम आदमी पार्टी में अब सिर्फ खास लोगो कि भर्ती हो रही है। आशा करता हु कि इससे आम आदमी पार्टी का आम लोगो के प्रति रव्वैया नहीं बदलेगा।

Vivek Garg said...

बाक़ी तो जो है सो हइये है ! ye line to jaroor banti thi isme :)

raja said...

Sir,
Jo ho aap rahne dijiye. Hum aur Aap aise hi theek hain. Zyada hua to ek signature campaign chala kar aisa karne ke liye aapko mana karenge. Aakhir referundum ka zamana hai.

raja said...

Aur sir ek baat aur hai mere kai doston ka vichaar hai ki AAP ka bhavishya yahi hai ki wo ultimately Congress mein vilay ho jaayegi. Kyunki is desh mein party to bahut ho sakti hain per vichardhara sirf do hi hain. Congress ya BJP.

Kishore Patel said...

आपका जो रिपोर्टर आप को cover करता है, शायद नाम Mr.शर्मा है, उन्होने भी शायद आप join कर ली है ! कुछ दीनो पहले न्यूज़ पर बोले रहे थे हमारी पार्टी - हमरी पार्टी , NDTV के आंकर ने भी उन्हे नही रोका !

आप माने या ना माने, कुछ तो असर आप पर भी हुआ है ! आजकल कोई भी अगर आप के खिलाफ बोलता है तो आप भड़क जाते है / गुसा आ जाता है और फिर आप counter question करने लगते है !
कही आप तो आप जोइन नही कर रहे ?

rohit khandelwal said...

sir AAP "AAP" mein chale bhi gye to bhi aapki patrkarita sandeh ke ghere mein nhi aa sakti kam se kam itna mukaam to aapne banaya hi hai sabhi virodhabhason aur pariseemaon ke beech mein.

Akhil Raj said...

नहीईईईईई अगर आप "आप" हो गए तो फिर प्राइम टाइम में "नमस्कार ,मैं रविश कुमार " कौन बोलेगा ...?

aadi said...

Chalo achha hua aaj bata dia !

Me to bade dino se soch raha tha k ekdin primetime me yahi bahes hogi k aaj ravish ne "aap" join kia...

Wese aisa sirf isliye lagta tha kyuki aap ko sunkar ye lagta hai k agla dil se bol raha hai. aur jo bol raha hai usko bade achhe se samajta bhi hai. aap dil se sochne wale insaan jyada lagte rahe ho. aur kahi na kahi bachi kuchi achhi patrakarita me aapka naam hamesha upar raha hai aur rahega. sachhe lagte ho na isliye. aur ho bhi aisa quick comment mat dena. me janta hu k aap ho. Sachha aadmi hi ab ki duniya aankho me aankhe dalkar bebak tarike se kuchh bhi bol sakta hai..jesa ki aap primetime me bolte ho...

primetime ki aadat si ho gai...kisi bhi mudde pe aapse bahes nahi suno tabtak ji nahi bharta ( aur samaj bhi nahi aata agar kahi aur dekho to ) koi khabar tabhi sahi lagti hai jub ravishkumar sunate hai :)

wese agar "aap" join bhi karte ho to me Vote aapko hi dunga :) kabhi aapse baat ho sakti hai ??? Plz !

Pulkit Gupta said...

Antardwand to gahra hai

Monika Sharma said...
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sohan said...

Zindagi ka naam hi parivartan hai raveeshji aur yeh to aap bakhubi jaante hai, aur aap rajneeti me parivartan la sakte ho, to aap hi sochiye k kitni zindagiyan badal jayengi...
Baaki to faisla aapka hi hai...

Aditya vishnoi said...

sir aalochna waha bhi hoti hai or yaha bhi hogi...main baat ye hai ki hum apne kaam ko thik se kar rhe hain ya nhi..ek fan hone k naate kahunga kabhi mat jana otherwise aapka show miss karunga but jab parties k beech football match hote hue dekhta hun toh lagta kuch alag krna hoga...kuch kaam karne ki wish rakhne waalo ko utrna hoga or uska part banna hoga..

manish singh said...

Ravishji,

AAP ke aane se log rajneeti ki baat phir se karne lage hain.Naye log rajneeti join kar rahe hain.

i Believe that ashutosh will better than any existing Politician.

Bus AAP likhte rahiye......Achcha lagta hai.

घुमंतू said...

लो भैया, अब तो टीवी पे खुल्लम खुल्ला बोल दिया कि, क्या आप भी :)

kanchan jha said...

kya media ko AAP aur delhi se fursat milegi?lagta hai jaise desh me aur koi khabar hi nahi.

Anurag Khairwal said...

ravish ji ek taraf man kahta h ki jo dil m h, jo m chata hu wo karna chahiye taki sakun to mera apna ho...par dusri taraf jhakne pe sari soch badal jati h ki apne liye to sab jeete h par desh ke liye koi koi, aur us koi m naam hona jaruri h....desh ka sudhar achi rajneeti bina nahi ho sakta ye purantah sathapit satya h...yadi aapke aane se desh ki raajniti m ek partisat bhi faraq padta h to wo balidan amulya hoga....aur itni kimat to aapko mere desh ke liye chukani hi chahiye....baki soch apni vayaktigat hoti salah dusro ki vayaktigat hoti h..

Prerna said...

ab to javdeakar ji ne bhi kah diya hai....bhaiya kya bahas karte ho in logon se ye shaturmurg hain ....!!

Shruti said...

Sir don't ever join politics ! Prime Time is my favourite show and it helps me to think on issues more precisely...it helps me gain knowledge ! Thankyou sir for such a great show :) and your tagline is very nice " baqi to jo hai so haiye hai ! "

Mahabir Rawat said...

सही है सर अच्छे आदमी को हर जगह होना चाहिए
जरूरी नहीं है की राजनीती की जाये ।

surendra said...

Sir, aaj prime time ka last line sun kar achchha laga ki "mai kahi nahi jaa raha".

Izharul Haque said...

मैंने एक हज़ार रूपया दिया मेरे पासपोर्ट कि पुलिस इन्क्वारी के लिए सिवान बिहार में क्यूंकि अगर नहीं देता तो मेरे पासपोर्ट कि इन्क्वारी क्लिअर नहीं होती बहुत तकलीफ हुई मगर क्या करूँ मेरे पास इतना समय और इतनी जानकारी नहीं है! और भाई सिवान बिहार में तो पासपोर्ट इन्क्वारी के लिए रेट फिक्स है ८०० रु से १००० रु तक. काश मै दिल्ली में होता तो कम से कम एक भ्रष्टाचारी से तो आज़ादी मिलती!

manthan said...

Yeh sun kar acha laga " main kahi nahi jaa raha"

Awadhesh kumar Jha said...

जी रवीश भाई,
ब्लाग बहुत अच्छा लगा.
जो आप यानी रवीश भाई पर संदेह करते हैं, उनकी भी अपनी राजनीति है. लेकिन आशुतोष जी का फैसला व्यक्तिगत और राजनैतिक होते हुए भी सामाजिक है. यह सच है कि आज भी ईमानदार लोगों की कमी नहीं है, लेकिन घर में बैठी ईमानदारी किस काम की. आज समाज और देश को ऐसे लोगों की आवश्यकता है.

आशुतोष तो असीम धन्यवाद के पाञ हैं. सिर्फ इसलिए नही कि वे आप पार्टी में शामिल हो गए, बल्कि इसलिए कि आज के समाज के लिए वो अपनी अच्छी भली नौकरी छोड़ कर बाहर आए. भ्रष्ट व्यवस्था में ऐसे ईमानदार लोगों का प्रवेश समाज और देश हित में है. वे कितने सफल होंगे यह तो समय ही बताएगा.
आप का अपनेआप तक रहना आपका निजी फैसला है. होना भी
चाहिए. हालांकि कई मिञो ने आपको कई अच्छेअच्छे सुझाव दिए
हैं. मैं इसी से खुश हूँ कि आपने अच्छी बातों को अच्छा विस्तार
दिया है. धन्यवाद!




Raju Mahto said...

Jab se ashutosh sir ke bare me suna subah se main bhi apne dimag me aapke lie aap hi pala hua tha parantu is blog se sab clear ho gaya.....achhi bat hai .....

Bhanu Fuloria said...

भीषण अंतर्द्वंद झलकता है भयी...
एक तरफ आप कहते हैं राजनीति पर बहुत विश्वास रखते हैं, देश का कुछ होना है तो देश की राजनीति को बदलना पड़ेगा... और दुजी और कहते हैं मैं बस एक कमेंटेटर ही रहूँगा कभी भागीदारी नहीं करूँगा? मुझे न पड़ी कुछ देश सुधार की...

अरे सर हम तो कहेंगे कि जब तक पत्रकारिता चल रही है, आपको लगता है की आपके चारों ओर सब सही चल रहा है, करते रहिये.. बाकी तो राजनीति हयिये है... :) बेहतर यही रहेगा की आप आज नही कीजिये कोई बात नही... ५ साल १० साल बाद तो कर ही लीजिएगा... कम से कम किसी का तो भला होगा...

खैर.. कुछ भी कह लीजिए अब आपके 'आप' सम्बन्धित तर्कों में दुविधा झलकने लगी है... कशमकश में मालूम पड़ते हैं की कहीं कुछ ज्यादा या कम तो नही हो गया... निष्पक्षता की चादर तलाशते रहिये... यह भी एक पत्रकारिता की कसौटी ही है..

मुआफ कीजिएगा अगर कोई बात अच्छी न लगे तो.. बहुत बहुत शुभकामनाएं.. बाकी तो राजनीति हयिये है.!! :)

akhilesh kumar said...

ravis ji aap ka artikal padh ke man khush ho jaata hai,bahut achaa likhten haiaase hee likhten rahiye,lekin jab aap political topic pe debate karten hai to driving seat pe hoten hai.
:)

prashant said...

हमको भी लगता है की आपको राजनीति में आना चाहिए , पर अब लगता है की आप भी सही बोल रहे हैं |
वैसे भी आपको आपसे बेहतर कौन जानेगा |

लिखते रहिये सर , पढ़ के अच्छा लगता है |

KULDEEP KUMAR said...

Good to know that you are not joining AAP :) .... but i also feel that you do have some soft corner for arvind kejriwal & AAP party.

Keshree Raghuwanshi said...

mat jaiye warna tv reporting bas bandar bandariyon ka khel rah jayega...

dileep Yadav said...

Sirf rajneeti nahi har feild mai ache log chahiye jab aapko lage aap rajneeti mai aana chahiye plZ join politics

rohit kumar said...

रवीश जी आप तो पहले से ही "आप " (आम आदमी )है ,और मेरा पूरा विश्वाश है कि एक दिन आप हमारा मार्गदर्शन जरुर करोगे "AAP " में

rohit kumar said...

रवीश जी आप तो पहले से ही "आप " (आम आदमी )है ,और मेरा पूरा विश्वाश है कि एक दिन आप हमारा मार्गदर्शन जरुर करोगे "AAP " में

Atul Kumar said...

bayan auron ki hain sharoor aaj ka,, sirf nukta chini na fitur ho AAP ka.

Asutosh ke decision unka apna hain..par swawal ye bhi uthta hain ki ,patrakirta mein facts rakhna aur shrota ka mat influence karna ,do pahlu hain.
bas itni guzarish hain ki patrakar shrotaon ke intelligence ko mock na karen

Pawan Aggarwal said...

Sir Aap Journalism mein abhi 3 saal to rahiye fir dobaaara dekhi jaayegi
Kisi ko to AAP party ka nishpaksh moolyankan karna hi hoga

Himanshu Singh said...

The ppl so called aam aadmi like ashutosh, mallika sarabahi, caption gopinath and many more joining aap, are they going to work on streets or just trying to sit on wave and be ministers forthnight ...........? I hv doubt on there motive, may be I wrong but desperate to see on street. .....to fight for real aam aadmi........

Himanshu Singh said...

The ppl so called aam aadmi like ashutosh, mallika sarabahi, caption gopinath and many more joining aap, are they going to work on streets or just trying to sit on wave and be ministers forthnight ...........? I hv doubt on there motive, may be I wrong but desperate to see on street. .....to fight for real aam aadmi........

Manish Kumar said...

रवीश भाई, अब तो आपको प्राइम टाइम मे भी सफ़ाई देनी पड़ गई। अगर, कल आपने फैसला बदला(हमें ख़ुशी होगी), तो जब "मैं रवीश कुमार सत्य और निष्ठा से ये शपथ लेता हूँ ............." लाइव होगा, तब इस ब्लॉग और कल के प्राइम टाइम का फुटेज आपके चैनल(जो उस समय आपका भूतपूर्व होगा) पर ही आ रहा होगा :)
ईमानदारी, सत्य, निष्ठा ये व्यक्तिगत गुण है ना कि किसी प्रोफेशन का, मेरे प्रोफेशन(IT, जिसमे इन गुणो के लोगो कि काफी कमी है) मे कई ऐसे लोग है जो नौकरी के आखिरी दिन भी वैसे ही काम करते है जैसे वो पहले दिन, वही ऐसे कई वरिष्ट पत्रकार(पत्रकारिता मे ऐसे गुण वाले ज्यादा लोग होते होंगे) को देखा-सुना हूँ, जिनके राजनितिक मुद्दे पे बोलने-लिखने से पहले ही मुझ जैसे साधारण आदमी को पता चल जाता है कि क्या बोलेंगे। सो ये मत सोचिये, जब आप अपना फैसला बदलेंगे और आपका आखरी शो होगा, तब भी हमें उतना ही विश्वास रहेगा जितना आज।
वैसे आजकल संसद मे अच्छी हिंदी बोलने वाले बहुत कम है, आपके आने से वो कमी पूरी होगी। एक बात और, आपके राजनीति मे जाने से हम NDTV इंडिया कम और लोकसभा टीवी ज्यादा देखेंगे और उस दिन का इंतज़ार रहेगा जब आप बोल रहे होंगे, "अध्यक्ष् महोदय्, मैं सदन का ध्यान मोतिहारी के बिजली समस्याओ कि ओर ................बाक़ी तो जो है सो हइये है(आखिरी लाइन) !"

Mukesh said...

Raveesh ji.... Kauno ghabraye ke baat naikhe..... Baat nikli hai tho doooor tak jayegi... thoda himmat rakhiye. Baki tho aap (NOT "AAP") tho hamesha se he aam admi ki bhasha bolte hai. Yehan aam admi matlab "jo aam logo ke samajh me ata hai...au main bhi unme se wk hun.

vinay kumar said...

कल के प्राइम टाइम का कार्यक्रम अच्छा था. कल उर्मिलेश जी ने जो चिंता ज़ाहिर की वो लाजिमी तौर पर वाजिब था.आप के लिए यह चिंता की बात है. बिहार से लौटने के बाद कई स्तर पर इन बातों को उठा चूका हूँ. आप टीवी पर ही रहिये .कई बार बिच में रहने से फायदा होता है. जे बासे के बिच में जो है सो तो हईये है.

State of hearT n minD said...

Sir, aaj ki date mein journalism aur politcs mein bahut difference nahi hai... dono ko sakht achhe logon ki jaroorat hai... aap yahin raho...yahan bhi kuch acche log hone chahiye..sab jawab hi denge to sawal kaun karega...aap sawal karte hue hi best lagte ho... baaki aaj kal ye opinion poll dekh ke bada ajeeb sa lag raha hai.. kisi ka sample 1200 ka hai kisi ka 2000 ka...125 corore ke aabadi wale desh mein iske kitne mayane hai samajh mein nahi aataa...media wali baat bhi aapne bade ache dangh se bataya hai.. salute u sir. god bless u..

CA MANOJ JAIN said...

Ravish Ji Prakash Jawdekar ji ne aapko bol hi diya prime time mein ......ye BJP waale nahi sudhrenge.....aap bina tension apna kaam karte raho

Ambrish Shukla said...

Ravishji aapko pehle bhi dekhte aya tha...Ajj kal jara dhyan se dekhta hun..ye keh sakte hain ki aapka FAN ho gaya hun.
Aap ki raajneeti me samajh bahut gehri hai. Kuchh kehte hain to lagta nahi hai ki kisi ke paksha ya vipaksha me bol rahe hain.
Sunkar achcha laga ki aap Rajneeti nahi karenge..
Aaap rajneeti samjhate hain usi me maja aa jata hai.

sam said...

aap mahaan hoo sir, kuch bhi galat nahi hain ish duniya mein agar aap satya ka saath de rahe hain!!

pankaj gupta said...

sir ji mai aapka bahot bada fan hu ...har roj aapka prime time dekhta hu...lekin apko nhi lagta ki aapke aise APP ki tarif karne se aapke folowers ka APP ki taraf rujhan badega ....
aur jo log ye mante hai ki congress corrupt hai ..aur goverment change hona chahiye unlogo ko confusion ho sakta hai ki kise vote de...APP ya BJP ...
Kyoki agr vo APP ko vote dete hai to aane vale election me unki to sarkar banne wali nhi hai to ....fir se jod-tod kar congress satta me aa jayegi..
mujhe lagta hai ki desh ki janta ko "modi" ko ek chance dena chahiye unhone ne GUJrat me achha kam kiaa hai ....aur sayad desh k liye bhi achha kare..
jha tak rhi arvind ji ki unke pass dilli hai hi achha kam kare agr modi ne nhi kiaaa to agli bari to unki hi hai....
mujhe lagta hai isbar k chunav me ek parti ko bahumat dena hi chahiye.....aapko kya lagta hai ???plz kuchh jaroor likhiyega...111

AKS said...

देखिये ऐसा है ,आशुतोष तो चले गए ,उनको जाना भी था .उनके tweet हा,हमेशा से मोदी विरोधी और कांग्रेस हिमैती रहे हैं , AAP में जाकर उन्होंने कांग्रेस भावना का सम्मान किआ है , राजदीप भी जाना चाहते हैं ,पर पोजिशनिंग करना चाहते हैं ,पता लगा IBN से राघव बहेल ने निकाल दिया , जो पत्रकार हैं वो अगर इस समाये AAP में जाते हैं ,तो इसका 90% मतलब है ,मोदी को रोकना ,मोदी का खौफ .. में पहले भी लिखा चूका हूँ ,और फिर से जोर देकर कह रहा हूँ ,मोदी के PM पद के उम्मेदवार बनने से जिसकी सबसे जादा हवा खराब हुई वो ,media ही थी |



और जो लोग पहले गए हैं राजनीति में ,उन्होंने कोई झंडा नहीं गाढ़ा , निजी तौर पे मुझे वो लोग ही पसंद नहीं ,जो अपने प्रोफेशन के लिए वफादार न हों |

विनोद शर्मा जो खुले तौर पर कांग्रेसी प्रवक्ता की तरह बोलते हैं , वो हैं पत्रकारिता में ,पर उनकी सोच संतुलित नहीं है , कही वो भी ये न सोच रहे हो AAP जोइन्न करने की |


140 स्थान प्राप्त किआ है भारत ने ,फ्री एंड फेयर " Free & Fair " media इन द वर्ल्ड की लिस्ट में |

अब आप सोच ही सकते हैं ,की आप को AAP ज्वाइन करनी चाहिए या नहीं |

अगर आप ज्वाइन कटे हैं ,तो में समझूंगा की आपने अपने प्रोफेशन से जादा किसी और चीज़ को तवज्जो दिया है |

AKS said...

Sir agar aap kabhi bhi , Politics join karne ki sochen to , Ashutosh ko laga hua thappad jo Kashiram ne maara tha wo yaad rakkhe,
Aapka pesha aapko utsaha deta rahega ,

Visit : this Link : http://www.youtube.com/get_video_info?width=775&el=embedded&eurl=http%3A%2F%2Fmediakhabar.com%2Fkanshiram-slap-journalist-ashutosh%2F&video_id=SZsoNFD6XbM&asv=3&sts=16060&height=329&hl=en_US

Rashmi Ranjan said...

और ब्लॉगइ कीजिये रविश जी, मिल गए न 70 सलाहकार! सोचिये राहुल जी को सलाहकारों की कमी हो रही है, और आप हैं कि 70 सलाहकारों को बिना पेमेंट दिए सलाह लिए जा रहे है. अगर आप आम आदमी पार्टी नहीं जॉइन नहीं कर रहे है तो प्रूव कीजिये. इन 70 सलाहकारों को राहुल जी का सलाहकार बना कर. अरे अरे इतना सिरिअस्लि मत लीजिये. इन सलाहकारों को आप ही संभालिये. इनलोगों का सलाह पाकर कही राहुल बाबा बौरा न जाए. धत मरदे मजाक की भी हद होती है. देखिये राहुल बाबा ठिसुआ गए इन 70 सलाहकारों को देखकर

Sudhendu Singh said...

Padhkar bahut acha laga. Sayad bahut hi kam log honge jo itne imandaari se baato ko rakhte hai.
Am no one to suggests par aaj patrakar hi ache lagte hai.. Aushutosh ne AAP join kiya iska matlab ye nahi hai ki IBN7 ka use unhone aam aadmi ko phayada pahuchane ke liye kiya. Jab unko laga ki kuch naya karne ka samay hai to unhone ye faisla liya hoga. Aur ye faisla lena unke liye bahut aasan nahi raha hoga, that's for sure. Rajniti me ache log aane hi chahiye. Kaish aisa hota ki Ravish ki report ko Govt seriously leti aur samasyaon ko Suljhane ka imandaar pyayash karti to aaj bharat kuch aur hi hota...

Kamal Samonia said...

'आप' ने राजनीति मे अच्छा काम किया है और आप उसको दिखा रहे है इसमे गलत क्या है रवीश जी , दूसरे राजनीतिक दल तो गलत कहेगे ही आप अपना काम करते रहिए .

amit tyagi said...

ravish ji,
aap ka program TV par dekhta hun. aap ki reporting ka deewana hua karta tha. par kuchh dino se kuchh shikayat hai.
Ramdev ne kha hai ki income tax ko band kur dena chhhahiye. is par aap ka show dekha tha. "dukh hua". kisi idea ko sidhe sidhe criticize karna achha nahi. us idea ko explore karna chhahiye.
aap ko to janakari hai Prithvi ko gol batane walo ko maar diya jata tha.
aapne virodhiyo ko kuchh jayada samay diya, dusre logo ki baat bhi nahin suni.
subhash lakhotia us par kuchh kehna chhate the par aap ne suna nahi.
Ab aisa lagta hai aap ki reporting biased hai.

Suneel said...

Sahab jo reports banate ho , agar un report ki kahani haqikat mein badlne ka waqt mil raha hai to kyon nahi , Sir politic needs ppl like you, pls join the revolution now

sushil rawat said...

Aap aapna kam ache se karte rup bas , waishnaw chahta to main bhi huan par fir main tv par news kainse dekhunga ,es liye aap jahan hain wahin rhiye jab tak aapki ki koi personal problem na ho. Baki jo hai so hai ye hai.

sima said...

Ravish ji,

They are already 76 comments. Not sure you would have a chance to read this.

I am not from Hindi heart-land but try to read every blog post and love watching all your shows. I hope to someday write fluently in Hindi:-)

I just want to say- what you bring to reporting and anchoring is very unique. You are a role model for many students of journalism (am sure you would shy away from such praise, but that's true)

I have never been interested in politics before watching primetime. In your own unique way, you expand my vision, put things in right perspective. I am sure for all of us who watch you shows and everyone you interact with.

Through your reports, you continue to make better political activists, political leaders and more politically aware people.

Thank you for all of this. Best wishes to you!

sima said...

Ravish ji,

They are already 76 comments. Not sure you would have a chance to read this.

I am not from Hindi heart-land but try to read every blog post and love watching all your shows. I hope to someday write fluently in Hindi:-)

I just want to say- what you bring to reporting and anchoring is very unique. You are a role model for many students of journalism (am sure you would shy away from such praise, but that's true)

I have never been interested in politics before watching primetime. In your own unique way, you expand my vision, put things in right perspective. I am sure for all of us who watch you shows and everyone you interact with.

Through your reports, you continue to make better political activists, political leaders and more politically aware people.

Thank you for all of this. Best wishes to you!

Ravi shankar said...

ए साहब अब तु बीजेपी या कांग्रेस ज्वाइन कर ल सब के मुह बंद हो जाइ और सब केहू कहबे करीहे काहे की तू पत्रकार लोग दिन रात खुजली पुराण जे गावs तारs
आम जनता के इ खुजली पुराण से मतलब नsइखे ओकरा त अपन जिन्दगी से जुड़ल मुद्दा से मतलब बा और दिन रात उहे परोसबा त उ कहबे करी अब त इ खुजली गैंग के कारण अपना आप के आम आदमी कहला से भी डर लागत बा।

ravishndtv said...

मैं सभी के कमेंट पढ़ता हूँ । आप सभी का शुक्रिया ।

manthan said...

यह जानकर अच्छा लगा

Sanjeev Singh said...

अच्छा लगा जान के कि आप कही नहीं जा रहे. ले दे के आप का ही शो है जहाँ पनेलिस्ट्स को ठीक से सुनने का मौका मिलता है. जो आप भी चले जाएं तो बस एंकर लोगो को चिल्लाते सुन्ना पड़ेगा।

Sanjeev Singh said...

अच्छा लगा जान के कि आप कही नहीं जा रहे. ले दे के आप का ही शो है जहाँ पनेलिस्ट्स को ठीक से सुनने का मौका मिलता है. जो आप भी चले जाएं तो बस एंकर लोगो को चिल्लाते सुन्ना पड़ेगा।

anthro upsc said...

Achche log sirf rajneeti main hi nahin, har jagah chahiye. Ravishji aapki zaroorat jounalism main hi hai. Please lage rahiye :)

hem pandey said...

प्राइम टाइम में आप समसामयिक विषय उठाते है बाबा रामदेव के टैक्स
सम्बन्दी विचारों पर भी मैंने आपके दो प्रोग्राम हाल में ही देखे है .....
फिर भी कभी कभी लगता है कि आप बीजेपी के साथ पक्षपात करते
है हो सकता है कि ऐसा न हो ...पूण्य प्रसून और आप जैसे लोगो की
मीडिया को सख्त जरूरत है ...ये अलग बात है कि मीडिया बिकता है
फिर भी जब तक आप जैसे लोग है विस्वास तो करना ही पड़ेगा...

Amit Jain said...

We have some question about Media Biasness for particular one party...with this statement please don’t consider us that we are against of AAP or Media...we are just want to highlight what’s unfair things going around Media and AAP. For below point media doesn't highlighted like it suppose to be:
1. 1. Lal batti, Govt. Bungalow & Vehicle Propagandas 2.Arvind Kejriwal bungalow controversy 3. 2 Reservation Card: approving 90% reservation for Delhi people in Delhi colleges. 4. Before election AK said I’ve 400 pages document to prove Ex CM is a corrupted but today U-turn If you have any proofs against her please let me know. 5. Before election AAP commented within 15 day we will pass LOKAYUKT (LOKPAL) bill but where is there commitment. 5.Janta Darbar: 6. AAP becoming KHAS Party.

AAP also playing with emotions of common man like in past other political party did. Media should go rationally otherwise country will be in difficult situation. We feel that Media has not considered above listed point in fairly.

Amit Jain said...

1.Lal batti, Govt. Bungalow & Vehicle Propagandas:
a.Let’s understand there trends, for Oath ceremony they prefers Metro Trains...next day they went to Vidhansabha by Auto...and after next they reached Vidhansabha by their own cars/vehicle...after couple of day’s they have accepted govt. offered vehicles (Innova)...
•When question was asked to Manish Sisodhiya...he replied ki " hamne lal batti ka mana kia tha ...sarkari gadi aur ghar ka nhi...""
•Rakhi Birldla replied..."danke ki chhot par sarkari gaddi lenge..Sakari kam karne ke liye Sarkari gadi use karne me kya problem hai" we are ok with this statement but they are different before election.
•When question was asked to Manish Sisodhiya: why you have preferred metro trains at the time of oath ceremony then he replied with answer if we will not use Public transport then how we get to know what kind of difficulties n problems with the public transports. In that case why they have taken Innova cars from govt.

We think behaviors and attitude of all these people get changes after winning Delhi election...we think Media should highlight these subject in the front of people. We will not be wrong if we conclude that Media supporting the AAP...Ideally Media go rationale...

If we'll be at their place then we'll prefer TATA NENO instead of Innova...OR will do car sharing... Or we will go for cheaper car e.g. Tata Neno/Indiaca and TATA is an Indian brand...Hamesha AAP bolti aaai hai ki ham Khas bankar nhi rhana chahte hai...Innova to khas logo ki gadi hai fir wo kyu li...

b.Arvind Kejriwal bungalow controvarsy:
•If AK really doesn’t want to waste the Public Money...then why he did not shifted to Sheela Dixit’s bungalow…becauase Shila Dixit bungalow was ready to use. There will be no renovation cast for the govt.
•Till today govt. invested 56 Lakhs cost for renovation cost of Arvind Kejwal bungalow is 56 Lakhs…who will bear this cast…and he is not relocating there it means money is wasted who will bear this Cost, should it bear by Public?
•Argument on this subject by AK was I’ve received feedback and suggestion from his will wishers was “NOT TO RELOCATE there”…they have used public poll and opinion before the ELECTION, why they have not do the same for this subject might be we have saved 56 lakhs of public money.

Amit Jain said...

Reservation Card:
Delhi Education minister is going for approving 90% reservation for Delhi people in colleges… already our country is struggling because of this reservation policy…the reservation policy don’t bring people together…if we’ll be at their place we’ll take this as an opportunity and go for opening more new colleges. We see that if people are coming from different state it good for Unity and cross culture…Why they have not taken a Public Poll…

Amit Jain said...

3 Health Minister:
There was one incident happened in Delhi Hospital…One new born baby girl thrown in dustbin after her death. On this subject Delhi Health minister communicated to Media that department will take appropriate strong action within a 3 days…but we never seen any fair coverage from Media on this subject. What action has been taken so far by the new Delhi Minister.

Amit Jain said...

Corruption:
a)Before election AK said I’ve 400 pages document to prove Shila Dixit (Ex CM) is a corrupted but today if we asked about this then he said: If you have any proofs against her please let me know…I’ll take appropriate action…wo 400 page ke documents kanha hai. We see this as an U turn from him; Media should fairly ask this question to him n highlight this in front of peoples. So that they will realize situation.
b)Before election AAP commented within 15 day we will pass LOKAYUKT (LOKPAL) bill…don’t know what is going on this subject. We believe 15 days has gone. Media is not raising this subject in proper ways. When this same question was asked to Aashutosh (Ex IBM 7 Managing director, today he is AAP Leader), he replied that sitting outside things are different when you are inside you will get to know real dynamics.

IT SEEMS LIKE THEY ARE NOT MATURE ENOUGH …IF THEY ARE NOT MATURE ENOUGH TO RUN STATE GOVT. HOW THEY CAN THIK ABOUT NATIONAL AND INTERNATION REPRESENTATION…AND IT’S A BIG QUESTION. MEDIA DONOT THINK THEY SHOUD HIGHTLIGHT THIS POINT RATIONALY

5Janta Darbar:
With this they are doing only PUBLICITY. And Media is not highlighting this subject rationally. They have conducted janta darbar on 11th Jan 2014 on road. If we’ll be at their place then hum apne Vidhayako ko bolte apne-apne area ke problems collect karo aur fir usko mere pas lekar aaoo then collectively we workout…fir ham segregate krte ki common problem, area problem, individual problem.. fir usme priority set krate..aur ek ek karke workout karte. But esa lagta hia Maksad publicity karna tha kal ke incident ko dekh kar esa hi lagta hai. Yadi unke bhav abhi bhi achchce hai…publicity AIM nhi hai to we’ll conclude that AAP team have less leadership quality…how they can lead the country.

Amit Jain said...

AAP becoming KHAS Party:
Ab AAP “Aam nhi KHAS logo ki party ho gai hai jo mauka parast logo ko moauka de rhi hai. e.g. Infosys ex CEO, Aashutosh (Ex managing director of IBM 7 news channel) un logo ka kya jo lower middle and middle class ko belong karte hai…wo to AAP me bhi AAM banker rha jayege …wo logto pahle bhi badi kursi per the aur abhi party join karke badi kursi per hi baithenge…ye bade log to million rupees ka bank balance banakar aaye hai… aur jo log apni Rozi roti cchaod kar aaye hai unka kya…bechare garib yanha per bhi chappal hi ghesega…chote log hi ground work karenge…ye bade log to road per nahi utrenge (formality ke liye hi aayege). In our opinion wo log mahan hai jo bina bank balance hue bagar desh ke liye aage aaye hai. Ye bade log abhi tak kaha the sirf moka parast log hai. Kyo aam party khas logo ke liye alag se stage bana kar membership de rahi hai, ye koi alag se kuch nahi kar rahai hai ye log bhi ek aam aur khas mai pharak rakte hai.

nptHeer said...

प्रकाश जावडेकर को आप ने साफ़ मत कहा देखकर अच्छा लगा और समान भाव से रहनेवाले इन्सान को जकड़ने वाली बीमारियाँ जानकर सहानुभूति भी हुई :)
ravishji आप अगर अपने मत दर्शाने के अधिकार का उपयोग करते हो तो किसकी नजरों में संदिग्ध हो जाते हो?दर्शक की?:-(
There u r wrong,aren't u?
क्यू की वहाँ संदिग्ध नज़रों की ज़रूरत कार्यकर्ताओं को है दर्शकों को नहीं ।

Vishal Anand said...

Ravish,
Watch your show almost on daily basis even though I believe that our ideologies don't match. But want to say one thing, when you introduce the panel also let the viewer know if you are for or against. Many of the times I found that your personal views affect your questions and reactions. As a debate mediator you should be neutral. Rest as I say that I watch your show mostly though surf to others NDTV will have one less viewer if you move.

Hemadri Sharma said...

Somethings are not to b changed, although change is law of nature. Journalism gets defined by u, so hope sir u wl never let it down for jst mere money or popularity. बाकी जो है सो हईयै है।

sachin saharan said...

आप तो आप है, लेकिन आप खास है
खास है तो क्या हुआ हमें भी लोगो की परेशानियों का अहसास है
अहसास तो अहसास है क्योंकि ये कुछ ख़ास है
राजनीति में हर दिन कोई न कोई आत है जात है
लेकिन लोगो के लिए कोई कुछ करे वो आप खास है
जिसने लोगो का नजरिया दिया बदल
कहा मेरे संग चल।
माना की राजनीति में हर रोज है बम फूटते
बोलो के बाण है छुटते
किसी के करम मारते है जोर
कई करते है सिर्फ शोर
शोर की राजनीति करने की भी एक अलग विद्या है
आदमखोर मौत का सौदागर चोर लुटेरा कहने के बाद भी हर कोई सीधा है।
किसी का समाजवाद तो किसी बाबा का आशीर्वाद
सब कुछ है पाक साफ़
कुछ गलत है तो वो है आप का लोगो के प्रति अहसास
मै भी देखता हू कब तक रहेगा ये अहसास ख़ास
लेकिन तब तक लोगो के बाण छुटन दे
एक दुसरे को कुटन दे।
समय किसी के बाप की जागीर नही जो किसी के कहने से रुक जायेगा।
ये तो निरंतर चुनोतियाँ लायेगा
देखते है कि पहले कोन टूटता है
जो नही टूटा वही आम से खास हो जायेगा।
कहने को तो बहुत कुछ है लेकिन आदत नही अकेले करने की बुड बुड
इन बातो को फिर कभी सिरे चढ़ायेगे
आज तो गुड मूगफली के साथ लोहरी मनायेगे।

Peeyush Chandra said...

well said. we look forward for journalists like you.

peec

prithviraj said...

बहुत प्रेरित कर रहे हैं भाई आप तो....
इतना अच्छा लिखते हैं की अंत तक पढ़े बिना रहा ही नहीं जाता....बहुत ही बढ़िया....

manthan said...

Sir please tell your Facebook and twitter account here on the blog. Because there is so much confusion which is real or which is fake, please please....

RAJESH SIKDAR said...

thik hai aapne apne mann ki baat kahi maine ek programme me dekha tha ek netaji ne aapse puchha tha ki unhone suna hai ki aap bhi politics join karne wale hai.Ravish ji mai yaha aapko salah dene nahi aaya hu aap mujhse bahut senior hai aur mughse aapka experience bhi kahi jada hai lekin aapko apne mann ki baat sab jagah nahi kahni chahiye. maine dekha hai ki jab bhi koi aapse galat baat kahta hai to aap uska reply jarur dete hai.twitter par bhi maine pada hai aapne gusse me galat bhasa ka prayog kiya hai. mai chahata hu ki aap bus aapne kam ko jaise abhi karte hai waise hi pure mann se karte jaeye. log khud ba khud jaan jayenge ki aap kya kar rahe hai ya aap sahi hai. aapni todi se aalochana ko sahne ki kosis kare. Agar aapke 100 chahne wale hai to 20 aalochak bhi honge.Rajneeti me hi dekh lijeye kai aaise neta hai jin par karoro tippdiya hoti hai par we chup rahte hai kitno ka answer denge, agar dene lage to sara din usi me beet jayega. aapki to kismat achchhi hai aapke itne chahne walo me se sirf 5-10 hi aaki aalohna karte hai.

अभय मिश्रा said...

आपके विचारों से निर्णय लेने में मदद मिली.. कई दिनों की उधेडबुन से आज बाहर निकला हूं।

Shashank pal said...

आप जहाँ हैं सही हैं रवीश जी।। हरेक मोर्चे पर अच्छे योद्धा रहने चाहिए।। आशुतोष जी ने जो किया वो भी काबिले तारीफ है और आपके हुनर को तो दिल से सलाम है ही।।।।।।।

Om Anand said...

news sunte aur padte samyan BJP aur Congress jis jagha apni aankhe band kar leti hain.....wo hissa ye hai....jo BBC NEWS mein lika hai....ravish ji aap ko like karta hoon kiyun ki aap ki baaton mein sachchayi nazar aati hai...kiya aap ne khidki ki reporting ki hai...ya ravish ki reporting band ho gayi hai...kab tak neta kanoon ki aad mein arajk hote rahenge...ye wahi baat ho gayi ki jb ek garib ne apne bhookhe bachche ke liye sarkar se roti mangi to di nahi .....aur jab usne roti chheen li to sarkar ke dande mare....

स्थानीय लोग परेशान

उनका आरोप है कि शाम ढलते ही ये पूरा इलाक़ा जिस्म फरोशी और नशीले पदार्थों की तस्करी का केंद्र बन जाता है. स्थानीय लोग यहाँ तक आरोप लगाते हैं कि इस धंधे में मुख्य रूप से अफ़्रीकी मूल के लोग ही शामिल हैं.
मोहल्ले के एक नौजवान नें बीबीसी से बात करते हुए कहा, "अब तो ऑटो वालों को बताते हुए भी शर्म आती है कि हमें खिड़की जाना है. ये इसलिए है कि पूरा इलाक़ा अब बहुत बदनाम हो चुका है."
इलाक़े के मुखिया निज़ाम का कहना है कि इतने हंगामे के बावजूद नशीले पदार्थों की तस्करी का सिलसिला जारी है.
विपक्ष सोमनाथ भारती को बर्खास्त करने की मांग कर रहा है
उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थानीय पुलिस इसे रोकने के लिए कोई पहल नहीं करती. कुछ लोगों का यहाँ तक आरोप था कि कुछ मौक़े ऐसे भी आए जब नशीले पदार्थों के साथ पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ़्तार तो किया मगर वो लोग अगले ही दिन छूट गए

Arvind Batra said...

रवीश जी, कोइ माने या ना माने, मगर आप बहुत discretely मोदी विरोध करते हैं।

Arvind Batra said...

रवीश भाई, आप बहुत यतन कर के भी अपने मोदी विरोध को छुपा नहीं पाते. क्या ये पू्र्वाग्रह है?

Jitendra sharma said...

Ravish sir aap mere adarsh hai. Mein apne 5 saal ke bete kobhi abhi se aapko prime time mein dikhata hu ki ye ravish sir hai.