कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
छोटी सी बात
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भागलपुर गया था। अंगिका डेवलपमेंट सोसायटी के बुलावे पर। डॉ राजेंद्र प्रसाद बिहार गौरव पुरस्कार लेने के लिए। उत्तरायणी गंगा के तट पर डी पी एस ...
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दो आंखों की दुनिया
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बेग़म समरू का संसार-सरधना
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सरधना से लौटा हूं। मेरठ से पंद्रह किमी की दूरी पर है। उन्नीसवीं सदी के चर्च को देखने। बेग़म समरू ने बनवाया था। फरज़ाना नाम की नतर्की जब वॉल्...
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अब लोकल स्कूल का मतलब देख लो
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ग्लोबल के बाद लोकल स्कूल का जायज़ा लेते हैं। इसकी एक झलक आपको रवीश की रिपोर्ट में मिल गई थी। करनाल के डेरा सिकलीगर के प्राइमरी स्कूल का हाल ...
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ये ग्लोबल स्कूल क्या होता है?
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"इनको क्या वैल्यू सीखायें, इन्हें तो पैसे की ही वैल्यू नहीं है। हमारे मां-बाप ने जो वैल्यू सीखाई वो उन्हीं मूल्यों के आस-पास थी कि सब क...
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हैलो..राहुल गांधी, नूरी ख़ान कुछ कहना चाहती है......
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सवा सौ साल की बूढ़ी कांग्रेस के महाधिवेशन में आए करीब साढ़े बारह हज़ार से ज्यादा पार्टी प्रतिनिधियों में से नूरी ख़ान के बारे में लिखने का क...
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ज़हर खाए मरीज़ों का अस्पताल
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यह साइन बोर्ड दो साल पहले देखा था। विजेंद्र के ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने पर मीडिया ने भिवानी पर धावा बोल दिया था। तब से यह साइन बोर्ड मुझे...
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