कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
दर्शक की याद में सिनेमा-२
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सिनेमा ने नौजवानों को नैतिक नहीं बने रहने के लिए कई तरह से मजबूर किया। इस देश में लाखों नौजवान होंगे जिन्होंने फिल्म देखने के लिए झूठ बोला। ...
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दर्शक की यादों में सिनेमा
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(दोस्तों, जब मैं यह लेख लिख रहा था तो झपकी आ रही थी। तभी फोन की एक घंटी बजी कि अहमदाबाद में धमाका हुआ है। जल्दी में पोस्ट किया और अगले मिनट ...
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कंक्रीट की नागरिकता
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हम सब सिर्फ भारत के नागरिक नहीं हैं। नागरिकता राष्ट्रीय नहीं रही। प्रोपर्टी बाज़ारोन्मुखी हो गई है। नागरिकता अपार्टमेंटोन्मुखी हो गई है। सुप...
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जेएनयू में विष्णु अंकल
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यह कहानी विष्णु सक्सेना की है। ६६ साल की उम्र में जेएनयू में टॉप करने वाले विष्णु सक्सेना की है। एम ए की प्रवेश परीक्षा में विष्णु सक्सेना न...
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मां और मीडिया
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यह किसी फिल्म का नाम नहीं है।एक हकीकत है।अनिता रावत और अनुराधा भट्टाचार्या। अनिता का बेटा अनिरुद्ध और अनुराधा की बेटी सीमा कपूर। २५ फरवरी २०...
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जाने तू जाने ना
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दिल चाहता है की याद आती रही इस फिल्म में। कभी कयामत से कयामत तक की झलक भी दिखी। पटना के मोना सिनेमा हॉल में पहले दिन से लेकर सत्रह दिनों तक ...
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दलितबस्ती में भगवान
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इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर से पता चला है कि तिरुपति भगवान अब घूमने भी लगे हैं। लगता है मंदिरों में पाषाण प्रवर्तित बालाजी भक्तों की भीड़ से उक...
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टीवी बनाम अख़बार
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प्रिंट मीडिया में इन दिनों टीवी पर खूब बहस होती है। अच्छा लगता है। होनी भी चाहिए। हर अख़बार में सारे चैनलों की धुनाई हो रही है।लेकिन प्रिंट ...
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जनसत्ता- मोहब्बत एक अख़बार से
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जब भी जनसत्ता को देखता हूं अख़बार की तरह हो जाता हूं। चुपचाप हर दिन आता हुआ एक अख़बार। बिना शोर किये पच्चीस साल से यह अख़बार मुझे हर दिन साद...
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खुदरा मूल्य गठबंधन सूचकांक
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एक दल है। राजनीतिक दल। राष्ट्रीय पार्टी है। लेकिन कई क्षेत्रों से ग़ायब। पड़ोसी पप्पू का भी एक दल है। क्षेत्रीय दल। देश के अन्य हिस्सों से ग...
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