कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
ए गुड़िया तू कैसी है
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ए गुड़िया तू कैसी है रानी जैसी लगती है राजमहल तो है नहीं फिर काहे को रानी है दुनिया एक कहानी है न राजा है न रानी है सुख दुख की रवानी ह...
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लक्ष्मी आई है, बधाई हो
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पता नहीं क्यों इस बार अच्छा नहीं लगा। जब भी किसी ने कहा कि लक्ष्मी आई है तो मन उदास हो गया। समझने की कोशिश कर रहा था कि क्यों कहा जा रहा है?...
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लघु प्रेम कथा-लप्रेक
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1) स्पाइडरमैन की तरह मेट्रो पर सवार जब वह आनंद विहार उतरा तो मर्दानापन दुरुस्त करने के डाक्टरों के दावों से घिर गया। वहां से नज़र हटी से मशह...
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दुष्चक्र के भंवर में भोजपुरी
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हम रउवा सब के भावना समझतानी। तमिल भाषी और उच्च स्तरीय अंग्रेज़ी बोलने वाले गृह मंत्री पी चिदंबरम ने भोजपुरी की इस एक पंक्ति को बोलने के लि...
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अकेले पड़ते ईमानदार लोग
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यह हो सकता है कि एस पी महांतेश नाम के अधिकारी के बारे में आपने नहीं सुना हो। कर्नाटक के चीफ जस्टिस के घर के सामने इस अधिकारी की धारदार हथि...
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मीडिया का काट्जू काल
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मेरी नज़र उस शख्स पर टिक जाती है जो चांदनी चौक के फव्वारे के नीचे बैठे लाल किला पर लहराते तिरंगे को देखे जा रहा है। ये वो शख्स है जो उन्नीसव...
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वीर्योत्पादन एक वैज्ञानिक कर्म है और विकी डोनर शानदार फिल्म है
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मुझे तो सारा वर्ल्ड स्पर्म नज़र आता है। डॉ चड्ढा की निगाह से सचमुच दुनिया टपकी हुई वीर्य बूंद लगने लगती है। लालची वीर्य, कंजूस वीर्य से लेकर...
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सिनेमन
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1) हीरो फिल्म सुपरहिट हो गई थी। शहर के सारे लपाड़े लौंडों ने पुलिस अफसरों की बेटियों को अपना गर्लफ्रैंड समझना शुरू कर दिया था। किसी भी दर्ज़...
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(एक ड्राईवर की आत्मकथा-लप्रेक)
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कार चलाने का मतलब ये नहीं कि हम सिर्फ सफ़र पूरा करते हैं। वैसे भी हमारा सफ़र तो होता नहीं। वो तो मालिक का पूरा होता है। हम तो बस एक होटल से ...
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लप्रेक-लव इन कोलकाता- इन द टाइम आफ ममता
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बेहाला में कहानी देखकर लोकल में बैठ तो गए मगर हावड़ा तक दोनों के भीतर कहानी चलती रही। ट्रेन की खिड़की से तृणमूल और सीपीएम के झंडे अब भी नज़र...
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