कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
रैव्स रिया की प्रेम कथा वाया मोहाली
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मोहाली के मैच के दिन मेरे दिमाग़ में एक प्रेम कथा भुकभुकाने लगी। फेसबुक स्टेटस में वर्ण कैरेक्टर की सीमा में लिखी गई इस कथा को क्रमवार पढ़े।...
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लोकसभा टीवी का लोकरूप
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लोकसभा टीवी को देखना ऐसा लगता है जैसे अचानक शहरी भीड़-भाड़ से निकल कर किसी जैविक फार्म हाउस में आ गया हूं। जहां कुछ भी खाना स्वास्थ्यवर्धक ल...
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चलने का अधिकार
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क्या आपको नहीं लगता कि चलने का भी अधिकार होना चाहिए? क्या कभी हमने सोचा है कि ग़रीबी रेखा से नीचे के लोगों की गतिशीलता का माध्यम क्या होगा? ...
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लघु प्रेम कथा-लप्रेक (फेसबुक फिक्शन)
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फेसबुक के सीमित स्पेस और दिल्ली के असीमित स्पेस में प्रेम कथाओं का मतलब कई मोहल्लों से होकर गुज़रना है। हर दिन फैल जाने वाली दिल्ली में प्रे...
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ग़ज़ल-तहसीन मुनव्वर
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फिर वही भूली कहानी है क्या फिर मैरी आँख में पानी है क्या फिर मुझे उसने बुलाया क्यों है फिर कोई बात सुनानी है क्या ज़िन्दगी हो गयी सुनते सुनत...
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सोसायटी के सिटीजन
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दक्षिण पश्चिम दिल्ली में योजना स्वरूप पैदा किया गया एक नगर है द्वारका। उसी के साउथ दिल्ली हाउसिंग सोसायटी में इस आइसक्रीम कार्ट पर नज़र पड़ ...
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कौन बनेगा किसान
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खेती के उत्पादन संबंध जस के तस है। एक गन्ने के खेत में काम कर रहीं सभी बीस महिलाएं हरिजन थीं। सभी बेगार काम कर रही थीं। नकद मज़दूरी की जगह स...
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घंटा घर,सहारनपुर, देखते रहिए
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गांवों का पब्लिक ट्रांसपोर्ट
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सहारनपुर गया था। गांवों की सड़कें काफी टूटी हुई मिलीं। रास्ता पूछते-पूछते इस ट्रैक्टर पर नज़र पड़ी। गांवों में स्कूलों ने बच्चों को ढोने के ...
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दिल्ली का मार्कोपोलो
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पैंसठ और पैंतालीस लाख वाली डीटीसी की हरी और लाल बसों के मॉडल का नाम है मार्कोपोलो। तेरहवीं सदी का यात्री। इटली से आया था और एशिया घूमते हुए ...
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