कस्‍बा qasba

कहने का मन करता है...

मुझे सिर्फ एक दोस्त चाहिए

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जब भी आप मिलते हैं किसी से तो वाकई खुश होते हैं आप या हंसना आ गया है आपको हर किसी से मिलने के बाद हाथ मिलाना आ गया है दांत फाड़ कर और गोल ...
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इमोशनल अत्याचार

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तौबा तेरा जलवा, तौबा तेरा प्यार। इमोशनल अत्याचार। ठेठ बिहारी टच। इमोशनल अत्याचार के इस दौर में इमोशनल होना नेशनल होना हो गया है। अनुराग की न...
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हम इंडियन लोग और अमेरिकन ओबामा

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वर्तमान को इतिहास की तरह देखने की आदत के समय में बराक ओबामा का शपथ। ऐतिहासिक। ओबामामय अमेरिका। लाखों लोग सिर्फ शपथ ग्रहण देखने आए। काले लोगो...
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आउटलुक का सेक्स संस्करण

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सेक्स पर सर्वे आया है। प्रिंट में है। आउटलुक पत्रिका में। तब तो यह माना ही जाए कि गंभीर अटेम्प्ट है। समाज में सेक्स को समझने के लिए। कौन सा ...
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आओ मिलकर मीडिया की आलोचना करें

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१९८४ के दंगे के हालात में नया प्रस्तावित सेंसरशिप किस तरह लागू होगा। अभी तक आश्वासन मिला है कि नहीं लागू होगा मगर ये फाइल अभी बाबू की मेज़ प...
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आजा ज़री वाले नीले आसमाने के तले

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सुनते सुनते थिरकने थिरकने लगता है तन। मन रहमान की भागती धुनों को पकड़ने लगता है। गुनगुने पानी को हवा में फेंकता उड़ाता यह संगीत। सर्दी के मौ...
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पवन, पेट्रोल और कार्टून

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गजनी की हिंसा और हम हिंसक लोग

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हिंसा। हम सबकी इच्छा है। सिर्फ स्वीकार नहीं करते। अहिंसा एक अभियान है। हिंसा स्वभाव। गजनी की लोकप्रियता क्या यही कहती है? इतनी मारपीट। नाम स...
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अब तो ये मेरी मां का घर है

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स्थायी पता वाले इस मकान का पता पहले से थोड़ा बदल गया है पहले बाबूजी का लगता था अब मां का हो गया है आते ही लगा कि मां कहां हैं जिसका घर है वो...
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अशोक चक्रधर- चक्रपाठ वाया ब्लॉग राग

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अशोक चक्रधर जी के पांव में चक्कर लगे हैं। कविता से लेकर बबिता के पीछे पड़े हैं। अशोक चक्रधर जी अब ब्लॉगर बन चुके हैं। कविता कम अब ब्लॉग का प...
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