कस्‍बा qasba

कहने का मन करता है...

एक ख़ूबसूरत लड़की

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डेसी इंद्रयाणी। इंडोनेशिया की एक मुस्लिम लड़की। ख़ूबसूरत....शायद हां। जितनी मेरी नज़र से नहीं उससे कहीं ज़्यादा ख़ुद की नज़र में ख़ूबसूरत है...
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सफ़दर अली ख़ान लौटना चाहते हैं

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सेवा में, सचिव, कार्मिक विभाग भारत सरकार, (सितंबर १९४७) मैं,सफ़दर अली ख़ान भारत की सेवा करना चाहता हूं। मैंने पाकिस्तान जाने का फ़ैसला किया ...
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मां क्यों नहीं देख पाती बेटी का घर

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बहुत सारी मांओं ने अपनी बेटी का घर नहीं देखा होगा। अपनी लाडली का ससुराल कैसा है बहुत मांओं ने नहीं देखा है। बेटी का नहीं खाते हैं, इस बेहूदा...
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सर्दी के साथ क्यों आती है

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हिमालय से उतर कर आती हवाओं में पुरानी बातों का जैसे कोई बिस्तर बिछा हो किसी बर्फ सी जमी परतों के भीतर जैसे पुरानी यादें धीरे धीरे पिघल रही ह...
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सिटी ऑफ सीमेंट

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क्वालालंपुर से लौटा हूं।सीमेंट और स्टील की जोड़ी ने हवाई अड्डे को किसी शापिंग मॉल का चमकदार बाथरूम जैसा बना दिया है। हर चीज़ चमकती हुई। स्टी...
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ब्लॉगर को फुटबॉलर कहें

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सारे पत्रकार ब्लॉगर हैं तो क्या सारे ब्लॉगर पत्रकार होने ही चाहिए? ब्लॉगर को क्या कहें? क्यों कहें क्या? ब्लॉगर कहें। पत्रकार को पत्रकार रहन...
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एक हिंदू का आत्ममंथन

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आत्ममंथन सिर्फ मुसलमानों का एकाधिकार नहीं है। हिंदू का भी है। फर्क सिर्फ इतना है कि मुसलमानों को आत्ममंथन से थोड़े दिनों के लिए आराम मिल गया...
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अश्वेत एक फटीचर शब्द है

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राधा क्यों गोरी मैं क्यूं काला की जगह राधा क्यों श्वेत मैं क्यूं अश्वेत...क्या ऐसा सुनना पसंद करेंगे इस गाने को। अंग्रेज़ी में ब्लैक ही कहा ...
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ओ जाने वाले हो सके तो...

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लिखने वाला कितना समझदार था। जानेवाले को यह नहीं कहा कि आ ही जाना। इतना कहा कि हो सके तो लौट के आना। अब तो हो सकने पर भी लौट कर नहीं आएंगे कु...
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अंतिम इच्छा का आखिरी साल

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धनतेरस एक साल पहले भी आया था। अस्पताल से निकल कर घर आए थे बाबूजी। जीवनदान का अहसास लेकर कि अब शायद दुबारा जीने का मौका न मिले। अपने हिसाब से...
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