कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
ज़हर खाये मरीज़ों का अस्पताल और भिवानी
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ज़हर खाये मरीज़ों के लिए आईसीयू की विशेष सुविधा। भिवानी के प्राइवेट अस्पतालों में ज़हर खाये मरीज़ों के लिए अलग से प्रचार के लिए जगह बनाई जात...
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कॉरपोरेट पूंजी से फैलता अंधविश्वास
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बिल गेट्स का एक लेख दैनिक भास्कर में छपा था। बिल गेट्स ने कंपनियों से अपील की है कि वे सृजनात्मक पूंजीवाद को अपनायें। कुल मिलाकर उस लेख से य...
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मुक्त बनाम मुफ्त भारत
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होस्टल चाहिए?
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यह तस्वीर ग्रेटर नोएडा की है। इस उपनगर को इतने विस्तार में बसाया गया है कि एक अपार्टमेंट से दूसरे अपार्टमेंट के बीच नदी जैसी चौड़ी सड़के हैं...
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करार के लिए बेकरार फिल्म पत्रकारिता
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एम्बेडेड जर्नलिज़्म की चर्चा तब हुई थी जब इराक युद्ध में अमीरीकी टैंकों में टीवी रिपोर्टर ढूंस दिये गए थे। टैंक के बिल से गिरते गोलों की धमक...
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राजेश रोशन की टिप्पणी
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(कुछ टिप्पणियां ऐसी होती हैं जो अपने आप में एक लेख के बराबर होती है। तो उन्हें मेन पेज पर ही जगह मिलनी चाहिए। फिर से आ रहा है पंद्रह अगस्त प...
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फिर से आ रहा है पंद्रह अगस्त
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देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती....ये देश है वीर जवानों का अलबेलो का मस्तानों का...इस देश का यारो क्या कहना....वतन की राह में नौजवां शह...
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जिसकी पार्टी उसकी टोपी
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राहुल गांधी की पार्टी है तो टोपी उनकी क्यों न हों। सेवा दल की गांधी टोपी को हटा कर पी कैप को मान्यता दे दी है। पी टोपी यानी वो टोपी जो क्रिक...
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क्या भारत नपुंसक है?
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इस बार के इंडिया टुडे का शीर्षक है यह। पत्रिका ने धीरज खोते हुए लिख दिया है कि इंडिया नपुंसक है। लेकिन शीर्षक व्यापक बहस की मांग करती है। आत...
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दर्शक की याद में सिनेमा-२
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सिनेमा ने नौजवानों को नैतिक नहीं बने रहने के लिए कई तरह से मजबूर किया। इस देश में लाखों नौजवान होंगे जिन्होंने फिल्म देखने के लिए झूठ बोला। ...
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