कस्‍बा qasba

कहने का मन करता है...

अंतिम इच्छा का आखिरी साल

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धनतेरस एक साल पहले भी आया था। अस्पताल से निकल कर घर आए थे बाबूजी। जीवनदान का अहसास लेकर कि अब शायद दुबारा जीने का मौका न मिले। अपने हिसाब से...
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ये जो मन की सीमा रेखा है।

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मगर है मन में छवि तुम्हारी कि जैसे मंदिर में लौ दिये की छुपा लो दिल में प्यार मेरा कि जैसे मंदिर में लौ दिये की हिंदी युग्म के ब्लाग पर यह ग...
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मार्च ऑन मार्च ऑन

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उदारीकरण उदारीकरण मार्च ऑन मार्च ऑन खोलो ताले,खोल खजाने पूंजी बांटो दना दन उदारीकरण, उदारीकरण उधार है तो प्यार है टीवी में इश्तहार है गिर गय...
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ग्यारह बजे का एसएमएस

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तकीये के नीचे से आ रही थी पीली रौशनी चुपके से बुलाया मेरे हाथ को अपनी तरफ एक संदेशा चुपके से सिरहाने के नीचे नाम ही देख कर लगा कितनी बातें...
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सिपाही का तो घर मत जलाओ

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इंडियन एक्सप्रेस का पन्ना चार। एक ख़बर चीख रही थी। उन तमाम दलीलों के बीच जो सांप्रदायिकता को राष्ट्रवादी नज़र से देखते हैं और जो धर्मनिरपेक्...
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मैं नामर्द नहीं हूं।

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मैं(इन पंक्तियों के लेखक)तो मर्द हूं। अब वो भी हैं। आज मुंबई के शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया कि वे नामर्द नहीं है। वो बोलते ज...
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प्रेम-पत्र वाले मुंशी जी का ख़त

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(प्रकाश पब्लिकेशन, गली नंबर १३, कैलाश नगर दिल्ली की इस हस्त पुस्तिका के पहले पन्ने पर लिखा है प्रेम-पत्र रोमांटिक लव लेटर। लेखक हैं अवधेश कु...
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पहचान का स्थायी पता

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पहचाने जाने के डर से मैंने एक पहचान बना ली बालों को छोटा कर लिया और दाढ़ी कटवा ली जिन्स पहनकर अपने कानों में लटका ली बाली इस नई पहचान से मैं...
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वेलकम टू सज्जनपुर

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मामूली खुशियों की दुनिया में लौटा लेने आई है श्याम बेनेगल की फिल्म वेलकम टू सज्जनपुर। हमारी ज़िंदगी के बीच से बहुत सारी चीज़े गायब होती जा र...
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तुम बहुत मोटे हो गए हो..व्हाट इज़ रांग विद यू

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इक दिन जब मैं पतला हो जाऊंगा, हवायें ले उड़ेंगी मुझे बादलों पे मेरा घर होगा, भूख से बिलखते इंसानों की तरह अंदर धंसा हुआ पेट होगा, गड्ढे हो ज...
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