कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
बेलमुंड ज्योतिषी
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न्यूज़ चैनलों ने ज्योतिषियों को बदल दिया है। उनके मुंड से बाल ग़ायब कर दिये गए हैं। बेलमुंड हो गए हैं। आंखें ऐसी भंगिमा बनाती है जैसे मालूम ...
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संदेश की गारंटी
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भारत एक संदेश प्रधान देश है। हर संदेश कुछ कहता है। करता यही है कि अगले संदेश से पिछले संदेश को मिटा देता है। संदेशों के इस मुल्क में मगज़ की...
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गोवा किसका- परशुराम, लोहिया या शोभराज का
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यह तस्वीर इन दिनों ब्राह्मणों के राजनीतिक प्रतीक परशुराम की है। परशुराम का ज़िक्र तुलसीदास के रामायण में भी है। जहां राम के धनुष तोड़ने पर प...
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विज्ञापन की जलन
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सीने में जलन, आंखों में तूफ़ान सा क्यों है इस शहर में हर शख़्स विज्ञापन सा क्यों हैं क्या कोई बात नज़र आती है हम सबमें अपनी हर बात पर अपनी ह...
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भुट्टे का नयाअवतारम
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आजकल मेट्रोजहां में भुट्टा कोयले की आग और लोहे की जाली पर तपने के बाद दस रुपये में नहीं बिकता। गांव में तो दो रुपये का बिकता है। मेट्रोमॉल म...
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दुकान रहित दुनिया
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मीडिया एक अच्छा बच्चा
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दो तरह के अच्छे बच्चे होते हैं। एक अच्छा बच्चा वह होता है जो डांट सुन कर दुबारा ग़लती न करने का फ़ैसला कर लेता है। एक अच्छा बच्चा वो होता है...
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इस मार्ग के प्रायोजक हैं वोडाफोन
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दिल्ली से जालंधर जा रहा था। सोनीपत पहुंचते ही अहसास हो गया कि मुझे जो कुछ भी दिख रहा है उसमें कुछ चीज़ हैं जो बार बार दिख रही हैं। सफ़र के द...
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शोक सभा पार्ट-२
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उड़न तश्तरी जी ने पूछा है कि कितने विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। दसवीं में पचीस लाख सत्तर हज़ार के करीब। इसमें से पंद्रह लाख फेल हो गए हैं...
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शोक सभा
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उत्तर प्रदेश में किसी एक दिन प्रादेशिक स्तर पर शोक सभा का आयोजन होना चाहिए। दसवीं क्लास में पंद्रह लाख बच्चे फेल हो गए हैं। क्योंकि इस बार स...
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