चीनी कम





















कोलकाता में गोल्फ ग्रीन के पास एक चौराहा है। लॉर्ड्स बेकरी चौराहा। पहले कभी यहां लॉर्ड्स बेकरी हुआ करती थी। जो अब नहीं है। केक पेस्ट्री की इस दुकान ने ग़ज़ब का फ्यूज़न किया है। लंदन की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म चीनी कम का नाम लिया और लॉर्ड्स बेकरी से लॉर्ड्स लिया। औऱ बन गया एक नया नाम...चीनी कम। मधुमेह के बढ़ते मरीज़ों के लिए वैसे ही अब अलग से बिस्कुट बनने लगे हैं। अलग जूस मिलती है। एक दिन डायबिटिज़ के मरीज़ों के लिए अलग से चाय की दुकान भी होगी। चीनी कम। वैसे अभी से चाय वाले चीनी डालने से पहले पूछने लगे हैं कि सुगर तो नहीं है न।

5 comments:

  1. संभव है....क्योंकि देश में डायबिटीज़ के मरीज़ो की संख्या जिस तेज़ी से बढ़ रही है आने वाले वक़्त में दुनिया में सबसे अधिक डायबिटिक इंडिया में ही होंगे। एक अनुमान के मुताबिक़ 2025 तक साढ़े पांच करोड़ से अधिक डायबेटिक पेशेंट देश में होंगे। ये सिर्फ़ डराने के लिए नहीं है, जगाने के लिए भी है। बहरहाल...आप कोलकाता कब गए?

    ReplyDelete
  2. हाल ही में 'माया सभ्यता' की सोच के कारण कुछ व्यक्ति दिसम्बर २०१२ के आगे की सोच को अज्ञानता का संकेत मानने लगे हैं क्यूंकि उन्होंने उसके आगे कैलेंडर ही नहीं बनाया.

    और दूसरी ओर हिमालय के ग्लेशियर आदि भी तीव्रतर गति से पिघलते दिखाई पड़ रहे हैं उत्तरी ध्रुव की बर्फ के साथ साथ!

    और वैसे भी चीनी सदैव भारत को खाने को तैयार बैठे दिखाई देते हैं :) कहते हैं आदमी शराब नहीं पीता, शराब आदमी को पीती है :)

    ReplyDelete
  3. कस्टमाईज सर्विस है..:)

    ReplyDelete
  4. बचाओ चीनी बचाओ। शायद इसी वज़ह से कोला ड्रिंक की आपूर्ति के लिए पर्याप्त चीनी बच जाए।

    ReplyDelete
  5. chni-kum, yes such type of tea shop we may see soon :)
    actually, I had already started using sugar free packs, eventhough, i am not yet diabetic..cause tomorrow if I become diabetic I should not have any surprise..the lilfestyle which was forced on me is bound to give me comforts and discomforts..for which I should not complain..:) we can not change the world, if I change myself, myworld will be changed..:)what you say..:)
    you know..your recent two three blogs are very funny, light I liked them very much..keep writing...:)

    ReplyDelete