कस्बा qasba
कहने का मन करता है...
PRESS RELEASE-RATING HAS BECOME MONTHLY.
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September 8, 2011 FOR IMMEDIATE RELEASE Re: Shifting of TAM Ratings for News Channels from Weekly to Monthly New Delhi: September 8, 2011……T...
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बोलती बंद कर देती है बोल।
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मारना जुर्म है तो पैदा करना जुर्म क्यों नहीं है? बोल फिल्म का यह सवाल उठता तो एक मुल्क़,मज़हब विशेष में मगर हो जाता है कई मुल्क़ों,मज़हबों क...
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आओ आंदोलन आंदोलन खेलें
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दोनों लड़कियों ने खुद को एक दूसरे से जकड़ लिया और हवा में हाथ उठाकर कैमरे के क्लिक होने का इंतज़ार करती रहीं। दोस्तों ने क्लिक किया और फिर क...
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आंदोलन चालू आहे
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क्या आप भी अण्णा के आंदोलन का समर्थन करते-करते कई तरह के सवाल करने लगते हैं, या विरोध करते-करते तमाम सवालों की खोज करने लगते हैं। अगर ऐसा है...
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अण्णा पर फेसबुकी प्रतिक्रिया
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1)आंदोलनों में भी वीकेंड की व्यवस्था होनी चाहिए। दो दिन का रेस्ट मिल जाता। आंदोलन लाइव काल में मुश्किल हो गया है। अण्णा आंदोलन ने महाआख्यान ...
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लघु प्रेम कथा
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1) मूंग धुली दाल की तरह चमकती दिल्ली और घने-हरे पेड़ों की मस्ती के नीचे लोधी गार्डन में उसने अपने कदम तेज़ कर लिये। बालों को समेट कर शर्मिल...
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बोल के लब आज़ाद हैं तेरे (मनमोहन की चुप्पी पर विशेष)
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वो नहीं बोलते हैं तो ख़बर है। बोलते हैं तो ख़बर है। लोकतंत्र में कोई प्रधानमंत्री बोलने जा रहा है, यह भी ख़बर है। ख़बर कम है। लोकतंत्र का अप...
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क्यों कॉमर्स का कट ऑफ ज़्यादा होता है?
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क्या यह सही है कि कॉमर्स एक विधा नहीं है? एकेडमिक डिसिप्लिन। सांख्यिकी,अर्थशास्त्र और गणित जैसे कई विषयों को मिला कर वाणिज्य विषय को गढ़ा गय...
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क्या कबीर बग़ावत के सबसे बड़े ब्रांड हैं?
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प्रतिरोध की स्थिति में हम सब कबीर को क्यों याद करते हैं? क्या कबीर आज भी हमारे दैनिक जीवन में सामाजिक आर्थिक राजनीतिक प्रतिरोध के सबसे देसी ...
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सेकुलर बनाम सांप्रदायिकता का ट्वेंटी ट्वेंटी
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कांग्रेस ने चालाकी से भ्रष्टाचार के मुद्दे को धर्मनिरपेक्ष बनाम सांप्रदायिक में बदल दिया है। रामदेव को मिठाई खिलाने से लेकर पिटाई तक के सफर ...
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