पुष्पा चक्कर काट कर चली गई

अरे जो सामने वाला गार्ड है न जावेद। हां। वो बता रहा था। क्या? कि वो आज तीन चार बार चक्कर काट कर चली गई है। कान में बाली पहनी थी और नया कपड़ा पहनी थी। सुंदर लग रही थी। चौदह पंद्रह साल का लड़का एक लड़की के आकर चले जाने का किस्सा अपने हमउम्र दोस्त को बता रहा था। पान की गुमटी में बैठे दोनों कभी फुसफुस तो कभी इतनी ज़ोर से बातें तो कर ही रहे थे कि मैं दोनों को सुन सकता था। आज शाम पान की गुमटी पर खड़ा रहा। देख रहा था कि आज कल के लड़के क्या बातें करते हैं, कैसे सिगरेट खरीद कर मुहं छुपा कर पीते हैं। धीरे-धीरे उनकी बातों में अटकने लगा। दुकानदार लड़का कहने लगा कि वो आज बहुत सुंदर लग रही थी। गार्ड बता रहा था। बस अब यहां वो नाम ले लेता है। जब उसका दोस्त पूछता है कि कौन? तो कहता है अरे पुष्पा की बात कर रहा हूं। इस सोसायटी में जो काम करने आती है न। वो पुष्पा। गार्ड बता रहा था कि पुष्पा तीन-चार चक्कर काट कर गई है। लगता है उसने आज मेरे लिए करवां चौथ किया था। दोस्त का कौतूहल बढ़ने लगता है। अरे वाह। पुष्पा तुमको प्यार करने लगी। दुकानदार लड़का शर्मा गया बेचारा। पता नहीं। केवल गुज़रती है तो मुस्कुरा देती है। फिर दोनों एक दूसरे को कोहनी मारने लगे। वो शर्माने लगा। हां,पुष्पा पसंद तो करती है। काश आज दुकान पर होता मैं। तो दोस्त कहता है कि तो कहा थे तुम। अरे तुम्हारे ही साथ तो गया था दोपहर में। उसे बड़ा दुख था कि करवां चौथ के दिन पुष्पा चक्कर काट कर चली गई। एक प्रेम कथा बनने की संभावना चांद के निकलने से पहले ही गोधूली बेला में धुंधली हो चुकी थी। वो उदास लग रहा था। मैं भी बड़ा शैतान। पता नहीं क्यों वहां खड़ा-खड़ा सुनता रहा। उन दोनों को देखकर मुस्कराता भी रहा। दोनों मुझे देखकर ज़रा भी नहीं घबराए। मुझे भी बड़ा अफसोस हुआ। पुष्पा चक्कर काट कर चली गई। उसका करवां चौथ अधूरा रह गया।( यह बिल्कुल सत्य कथा है)

20 comments:

Sundip Kumar Singh said...

शुक्र मानिए करवां चौथ का मौका था वरना अगर यही मौका वैलेंटाइन का होता तो कतई कोई नहीं चूकता। खैर करवां चौथ भी फिर अगले साल आएगा और तब उम्मीद है पुष्पा या फिर जो भी हो लाइफ में उस समय मौका नहीं चूकेगा जावेद...

Anu Singh Choudhary said...

अगले साल पुष्पा से कोई और अपने लिए करवा चौथ का व्रत करवा रहा होगा मन-ही-मन। :)

सतीश पंचम said...

यही बात वैलेंटाइन वाले दिन गार्ड ने पहले भी किसी को बताया था, उसके बाद 'बताने वाला' और 'जिसे बताया गया' दोनों ही चाय की दुकान पर देखे गये थे :)

प्रवीण पाण्डेय said...

जो मन ही मन में प्यार मनाते हैं, करवा चौथ रखते हैं, शेष वैलेन्टाइन की प्रतीक्षा करते हैं।

योगेश कुमार 'शीतल' said...

उफ्फ्फ!!! इश्क होता नही सब के लिए ...ये बना है किसी किसी के लिए...झूठ झूठ झूठ

brij ka aam aadmi said...

zzz

brij ka aam aadmi said...

iss prakar k vaakye hi iss samay sabse jyada prachlan me hain aur lagbhag roz hi nazar aate rahte hn.

vaise kahan ho aap???? "ravish ki report" me to khoj hi rahe they aur ab to PRIME TIME bhi suna ho gaya hai.

ravishndtv said...

मुझे खुशी होगी अगर आप टीवी के बारे में बात न करें। उसमें कुछ रखा नहीं है। वो मेरा रोज़गार है। बस वहीं तक रहने दीजिए। मैं टीवी देखता भी नहीं अब। अपवादों के अलावा। व्यस्तता की वजह से और इस वजह से भी कि क्या देखें। मैं भी कुछ खास नहीं कर रहा हूं जिसे लेकर मैं आप लोगों से बातें करूं। तो टीवी और न्यूज़ के बारे में कम से कम बातें।

ravishndtv said...

मुझे खुशी होगी अगर आप टीवी के बारे में बात न करें। उसमें कुछ रखा नहीं है। वो मेरा रोज़गार है। बस वहीं तक रहने दीजिए। मैं टीवी देखता भी नहीं अब। अपवादों के अलावा। व्यस्तता की वजह से और इस वजह से भी कि क्या देखें। मैं भी कुछ खास नहीं कर रहा हूं जिसे लेकर मैं आप लोगों से बातें करूं। तो टीवी और न्यूज़ के बारे में कम से कम बातें।

ravishndtv said...
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रोहित बिष्ट said...

रवीश जी यह १४-१५ साल की उम्र बड़ी जालिम होती है,नजर का मिल कर झुक जाना 'प्यार' की निशानी होती है।चेटिंग,डेटिंग तो सब को पता है,पर
करवा-चौथ का यह 'एंगल',प्रेम और भावनाओं का वर्गीय प्रकटीकरण दर्शाता है..

बाबुषा said...

सुन्दर है ये सत्य कथा तो..अमूमन कहाँ देखने मिलती हैं ऐसी सुन्दर सत्य कथाएँ..! जियो पुष्पा.

anjali said...

hello..
bahut achha laga itne dino baad aapka post padhke..
sach me ye man hi man wale pyar ki kuch baat hi nirali hai..@@@

संतोष कुमार said...

अभी दो दिन पहले ही रांची में १३-१४ साल के दो लड़का और लड़की ने पाचवीं मंजिल से कूद गए .... लड़की की तो मौके में ही मौत हो गयी और लड़का अभी अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है... इस घटना ने पुरे रांची को स्तम्ब कर दिया... क्या इतनी छोटी उम्र में कोई जोड़ा ऐसा कदम उठा सकता है... कोई अभिभावक को तो कोई स्कूल को तो कोई आज के टी वी और मोबाइल की जिंदगी में बढते दखल को दोष दे रहा है.... यह घटना सोचने को मजबूर कर देती है..

Ankit mutreja said...

sir kam se kam aap aesi baat na kare..!!..
aisa nahi hai ki aap hum logo ke liye kuch nahi kar rahe.. mei apne aap ko itna badha nahi samjta ki aapko kehne ke lie kuch high figh kism ka lekh jaisa likhu lekin ek baad sprasht shabdo mei kehdu ki dhekiye..
utar charva swabhavik prakriya hai jise waqt ke sath thande garam mausam ki tarah aana jana hi hai..


Aise waqt mei aap yeh bi dhekiye ki aaj bi aap kitne visvniye hai.. log aaj bi apse kitna jure hue hai lagav hai apse.. apki kadar sirf wo nahi karta jo khabro se jura hai apki kadar har wo insan karta hai jo insaniyat ki asli paribhasa samjta hai.. !!

मधुकर राजपूत said...

गुमटियों पर बातों में शामिल प्यार बेहतर होते हैं। पुष्पा को मॉल नहीं जाना। बिग सिनेमा में मूवी नहीं देखनी। लिवाइस की जींस नहीं चाहिए और न मैक्डी का बर्गर और पिंड बलूची में डिनर। चल निकलेगा भाई साहब यह प्यार देखना। पूछना बाद में कि क्या हुआ जावेद पुष्पा का? क्या तुमने साथ में राजा की पाव भाजी खाई। क्या तुमने साथ में साथ में रोटी और प्याज़ के ज़ायके का मज़ा लिया?

महुवा said...

cute,short,incomplete luv story :)

Mahendra Singh said...

Aaj Hindustan main bhi padha tha. Bada maja aaya.

Ankit mutreja said...

sir koi jawab ni iska.. unda behad zabardast.. maza hi aa gaya..
behad chota par badhi baat kehne wala.. pan ki ghumti aur chand pushpa se sarokar rakhne wale logo ke dil par sidha var kiya hai apne..
waise ;) maze ki baat toh yeh hai ki pan ki ghumtiyo par ap bi sahi reaserch karte hai haha..:D

Aanchal said...

आज ढूंढ कर दुबारा पढ़ा इसे :) करवाचौथ स्पेशल